एथिकल हैकिंग क्या है? इसके प्रकार – What is Ethical Hacking in Hindi

नमस्ते दोस्तों! एथिकल हैकिंग शब्द जितना सुनने मे Interesting लगता है उससे कई गुणा अधिक एथिकल हैकिंग असल मे Interesting हैं। अक्सर लोग जब हैकिंग के बारे मे जानने लगते हैं तब उन्हे एथिकल हैकिंग के बारे मे पता चलता हैं जिन्हे सुनकर अक्सर वह यह सोचते हैं की एथिकल हैकिंग क्या है? अगर आपके भी मन मे यह सवाल हैं तो आप एक सही पोस्ट मे आए हैं।

हर कोई सोचता हैं की हैकिंग एक गलत कार्य हैं जिससे हर किसी को दूर रहना चाहिए लेकिन इसमे पूरी तरह सच्चाई नहीं हैं। बल्कि सच यह हैं की गलत उद्देश्य के लिए की गई हैकिंग एक अपराध हैं और एक सही उद्देश्य के लिए किया गया हैं हैकिंग अपराध नहीं हैं इसे हम एथिकल हैकिंग के नाम से भी जानते हैं।

एथिकल हैकिंग आज के समय मे कंप्युटर और प्रोग्रामिंग के फील्ड मे करिअर बनाने का एक नया ऑप्शन के रूप मे उभर कर आया हैं। बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जिन्हे इंटरनेट, प्रोग्रामिंग, फोन हैक कैसे होता हैं ? इन सभी के बारे मे जानने मे बेहद इन्टरेस्ट होता हैं। ऐसे लोगों को एथिकल हैकिंग के बारे मे अवश्य जानना चाहिए।

तो चलिए अब हम अब एथिकल हैकिंग से संबंधित समस्त जानकारी जैसे एथिकल हैकिंग क्या होती है, एथिकल हैकर क्या है, एथिकल हैकिंग कितने प्रकार के होते है, एथिकल हैकिंग का प्रोसेस क्या है? इत्यादि को जानने की शुरुआत करते हैं।

हैकिंग क्या होती है?

एथिकल हैकिंग को समझने से पहले हमें हैकिंग के बारे मे समझना जरूरी हैं क्योंकि इसी के अनुसार हम एथिकल हैकिंग को समझ सकते हैं। तो आपको बता दे की हैकिंग एक ऐसी प्रक्रिया होती हैं जिसके तहत किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के कमियों को पहचान के उसमे ऐसे Attack’s किए जाते हैं।

जिससे उस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को Access किया जा सके बिना Owner के Permission के। जिसकी मदद से वह उस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट मे मौजूद समस्त Data और इनफार्मेशन को प्राप्त कर सके और जिसका उपयोग वह अपने किसी कार्य को अंजाम देने के लिए कर सके।

यह एक प्रकार कि Illegal Activities होती है अगर यह इसका उपयोग किसी गलत कार्य को करने के लिए किया जा रहा हैं तब और Owner के बिना Permission के Personal Data और Information को Access करना भी एक प्रकार की हैकिंग ही होती हैं।

एथिकल हैकिंग क्या है – What is Ethical Hacking in Hindi

यह एक प्रकार की information security की एक Pro active फॉर्म हैं इसे हम Penetration Testing भी कह सकते हैं, इसके तहत System को Owner के अनुमति लेकर हैक किया जाता हैं ताकि System मे मौजूद सुरक्षा के कमियों को पहचान कर उसमे सुधार किया जा सके।

आपको बता दे की एथिकल हैकिंग एक ऐसी प्रक्रिया होती हैं जिसके तहत किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे कंप्युटर, स्मार्टफोन, कैमरा इत्यादि इनकी ऐसी कमियों को पहचान कर उसमे सुधार किया जाता हैं जिन कमियों की मदद से इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को हैकर हैक कर सकता हैं, जिससे की System सुरक्षित रहता हैं और System मे मौजूद Data और Information सुरक्षित रहे।

इसे हम आसान भाषा मे समझे तो यह एक ऐसा Process होता हैं जिसकी मदद से System मे मौजूद सभी तरह के उन Weakness को ढूंढा जाता हैं की जिससे System हैक होने की संभावना हैं, ताकि भविष्य मे होने वाले हैकिंग Attacks से बचा जा सके और System एवं System मे मौजूद Information, Data को सुरक्षित रखा जा सके।

एथिकल हैकिंग एक प्रकार का हैकिंग का Legal way होता हैं, जिसके तहत हम System को हैक करते हैं ताकि System के कमियों के बारे मे पता चल सके और उसे हम सुधारते हैं ताकि System को Hackers हैक न कर सके। एथिकल हैकिंग को अगर हम एक लाइन के अंदर समझे तो एथिकल हैकिंग ऐसी प्रक्रिया हैं जिसकी मदद से System को सुरक्षा प्रदान की जाती हैं।

एथिकल हैकर क्या है?

यह एक ऐसा व्यक्ति होता हैं जिसे Hacking से सभी Terms पता होता हैं और इसके पास Cyber security से संबंधित समस्त जानकारी मौजूद होता हैं जिसका इस्तेमाल यह किसी के System को हैक कर के उसका नुकसान करने के लिए नहीं करता हैं बल्कि यह System को हैक करके उसके System मे मौजूद Weakness को ढूँढता हैं ताकि System को कोई Black het hacker हैक न कर सके और System पूरी तरह सुरक्षित रहे हैं।

एथिकल हैकिंग की जरूरत क्यों पड़ती है?

अगर आप सोच रहे हैं की एथिकल हैकिंग और एथिकल हैकर की जरूरत क्यों पड़ती हैं तो आपको बता दे की आज का समय पूरी तरह से डिजिटल और इंटरनेट, टेक्नोलॉजी पर Based हैं ऐसे मे हर एक बड़ी Organization मे Data, information इन सब का बहुत बड़ा अहमियत होता हैं।

आज के समय मे हमें डिजिटल और इंटरनेट, टेक्नोलॉजी की वजह से हमें बहुत सारे लाभ तो प्राप्त हो रहे हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं इन्ही सभी नुकसान मे से एक यह भी हैं की System मे मौजूद Information, Data को हैकिंग प्रक्रिया का उपयोग करके हैक किया जा सकता हैं इससे Organization को बहुत बड़ा नुकसान होता हैं।

इस वजह से उन्हे अपने System को सुरक्षित रखना पड़ता हैं ताकि हैकर उनके system और system मे मौजूद Information, Data हैक न कर पाए। System को सुरक्षित रखने के लिए Organization को ऐसे व्यक्ति की जरूरत पड़ती हैं जिसे Cyber security से संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त हो और जिसे Hacking के सभी Terms पता हो।

अब आप समझ गए होंगे की एथिकल हैकिंग की जरूरत System के कमियों को पहचानने के लिए और एथिकल हैकर की जरूरत System को सुरक्षित रखने के लिए पड़ती हैं।

एथिकल हैकिंग के प्रकार – Types of Ethical hacking in Hindi

जिस तरह इंजीनियरिंग के अलग अलग प्रकार होते हैं उसी तरह एथिकल हैकिंग के अलग अलग Types होते हैं जो की निम्नलिखित हैं –

  1. वेब एप्लिकेशन हैकिंग
  2. सिस्टम हैकिंग
  3. वेब सर्वर हैकिंग
  4. वायरलेस नेटवर्क हैकिंग
  5. सोशल इंजीनियरिंग

एथिकल हैकिंग के Attacks तकनीक क्या क्या होते है?

यह सवाल आपके भी मन मे अवश्य आया होगा की आखिर एक एथिकल हैकर किन किन तरीकों की मदद से System पर attack करता हैं तो आपको बता दे की System पर Attack करने के अलग अलग तरीके होते हैं जो की निम्नलिखित हैं –

#1 Brute Force Attack. यह एक बेहद ही प्रसिद्ध हैकिंग तकनीक हैं जिसका उपयोग अक्सर एथिकल हैकर करते हैं। इसके तहत एथिकल हैकर लगातार Alphabets और Numbers को Combine कर के System के पासवर्ड को पता करने की कोशिश करते हैं अगर पासवर्ड Short, Simple और Weak हैं तो ऐसे मे एथिकल हैकर पासवर्ड का आसानी से पता लगा लेते हैं।

#2 Phishing Attack. एथिकल हैकिंग मे इन्टरेस्ट रखने वाला व्यक्ति को इसके बारे मे अवश्य पता होता हैं। इसके तहत एथिकल हैकर एक Fake Phasing website Create करते हैं और उस website का लिंक मैसेज, ईमेल इत्यादि के माध्यम से System के Owners और System पर काम करने वाले व्यक्तियों के पास भेजते हैं।

जिससे जब वह उस लिंक पर क्लिक कर के System का पासवर्ड डालते हैं तब उनके पासवर्ड को एथिकल हैकर Access कर लेते हैं। जिससे System के Owners और System पर काम करने वाले व्यक्ति साइबर सुरक्षा को लेकर कितना जागरूक हैं इसके बारे मे एथिकल हैकर को पता चल पाता हैं।

#3 Keylogger Attack. इस Attack की मदद से एथिकल हैकर System मे Virus, Malware भेजने का प्रयास करता हैं, जब वह System मे Virus, Malware मे सफल हो जाता हैं तब System पूरी तरह एथिकल हैकर के कंट्रोल मे आ जाता हैं जिससे जब उस System पर कुछ भी कार्य किया जाता हैं तब उसकी जानकारी एथिकल हैकर के पास ट्रांसफर होती जाती हैं।

#4 SQL injection. यह एक बेहद ही Effective Attack होता हैं जिसकी मदद से एथिकल हैकर System की Website के Database को Access करने की कोशिश करते हैं इससे अक्सर साधारण Website प्रभावित हो जाती हैं। यह बेहद ही पॉपुलर Attack हैं इसमे Backend का उपयोग होता हैं।

#5 Social Engineering. इसका उपयोग एथिकल हैकर तब करते हैं जब एथिकल हैकर को System मे कोई भी Vulnerability नहीं मिलती हैं तब वह System के Owners और जिसके पास System का Access हैं उनके Mind को Read करके उन्हे ऐसे कार्य करवाते हैं जिससे उनके System को हैक किया जा सके।

#6 Cross Site Scripting. यह एक प्रकार का Attack vector हैं जिसे शॉर्ट फॉर्म मे XCC भी कहा जाता हैं इसके अंतर्गत जो एथिकल हैकर होता हैं वह किसी भी Web Application के Vulnerable input फील्ड के अंदर Malicious code inject करता हैं जिससे Users Effect होते हैं।

एथिकल हैकिंग के Phases

एथिकल हैकिंग करने के लिए एथिकल हैकिंग के अलग अलग Phases से हो के गुजरना होता हैं जो की निम्नलिखित हैं –

1. Reconnaissance. यह एक ऐसा Phase होता हैं जिसके तहत जिस System को हैक करना होता हैं उससे सबंधित समस्त जानकारी को ऑफलाइन या फिर ऑनलाइन के माध्यम से Collect किया जाता हैं।

2. Scanning. इसके तहत जो भी जानकारी Reconnaissance के माध्यम से Collect किया हुआ होता हैं उसको Test या फिर Scan किया जाता हैं और System के vulnerability को ढूंढ जाता हैं।

3. Gaining Access/Exploitations. जो System का Vulnerability Scanning प्रोसेस के माध्यम से निकाला गया होता हैं उस पर काम किया जाता हैं और System को Access किया जाता हैं यानि System के अंदर Vulnerability घुसते हैं।

4. Maintaining Access. इसके तहत Access को Maintain कर के रखा जाता हैं। जब एथिकल हैकर Vulnerability को ढूंढकर System को Access कर लेते हैं तब System के Owner उस Vulnerability को Fix कर सकता हैं ऐसे मे एक बार System को Access करने के बाद Maintain करना मुश्किल हो जाता हैं।

इसिलए जब एक बार System को Access कर लिया जाता हैं तब System मे और भी Vulnerability Add कर दिए जाते हैं जिससे की System के Access को Maintain किया जा सके।

5. Reporting. इसके तहत System को जिस जिस Vulnerability के मदद से एथिकल हैकर ने Access किया होता है उन सभी Vulnerabilities का Report तैयार किया जाता है और उस Report को System के Owner को दे दिया जाता है ताकी वह System के सभी Vulnerabilities को Fix कर सके।

एथिकल हैकिंग के फायदे (Advantages)

अगर कोई भी व्यक्ति एथिकल हैकिंग सीखता हैं तो उसके लिए एथिकल हैकिंग के विभिन्न तरह के फायदे हैं जो की निम्नलिखित हैं –

  • जब कोई व्यक्ति एथिकल हैकिंग सीखता हैं तो उसे इंटरनेट और प्रोग्रामिंग के बारे मे जानकारी प्राप्त होती हैं जो उसे कंप्युटर के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी को समझने मे मदद करता हैं।
  • अभी के समय मे एथिकल हैकिंग Skill वाले व्यक्ति की अच्छी खासी Demand हैं क्योंकि छोटे बड़े सभी तरह के Organization ऑनलाइन आ रहे हैं जिसकी वजह से एथिकल हैकिंग मे Job Opportunities अधिक हैं।
  • एथिकल हैकिंग सीखने से हमें इंटरनेट, कंप्युटर के सुरक्षा के नियमों के बारे मे पता चलता हैं जिसकी वजह से हम इंटरनेट कंप्युटर का सुरक्षित तरीके से उपयोग कर पाते हैं और Data को कैसे सुरक्षा प्रदान किया जाए इसके बारे मे पता चलता हैं।
  • इससे हैकिंग के Terms और Cyber security के बारे मे जानकारी प्राप्त होती हैं जिससे जब कोई हैकर आपके System पर Attack करता हैं तब आसानी से उसके Attack तकनीक को पहचान कर अपने System को हैक होने से बचा सकते हैं।
  • इससे आप किसी भी Organization के Vulnerability को आसानी से समझ सकते हैं और उन्हे इसके बारे मे Inform कर सकते हैं जिसके बदले बड़ी बड़ी Organization जैसे Google, Microsoft इत्यादि एक अच्छा Package प्रदान करती हैं।

FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

क्या एथिकल हैकिंग Legal है?

जी हाँ। एथिकल हैकिंग legal हैं इसमे करिअर भी बनाया जा सकता हैं।

एथिकल हैकिंग कोर्स इन हिंदी कहा मिलेगा?

हिन्दी मे एथिकल हैकिंग कोर्स की तलाश मे हैं तो इसके आप यूट्यूब पर जा सकता हैं वहाँ पर आपको फ्री और हिन्दी मे एथिकल हैकिंग कोर्स मिल जाएगा जिसकी मदद से आप एथिकल हैकिंग सिख सकते हैं। आप चाहे तो ऑनलाइन एथिकल हैकिंग कोर्स भी खरीद कर सिख सकते हैं।

एथिकल हैकर की सैलरी कितनी होती है?

एथिकल हैकर की सैलरी Fix नहीं हैं। यह आपके Skill पर Depend होता हैं की आपको कितनी सैलरी मिलेगी।

इस लेख का मकसद गैर कानूनी कार्य को बढ़ावा देना नहीं हैं बल्कि इस लेख का उद्देश्य लोगों को एथिकल हैकिंग से संबंधित जानकारी प्रदान करना हैं ताकि जो एथिकल हैकिंग मे अपना करिअर बनाना चाहते हैं उनकी मदद हो सके और हमारा प्रयास सिर्फ और सिर्फ भारत को डिजिटल बनाना हैं। 

निष्कर्ष

अब उम्मीद हैं की आप सभी लोगों ने इस लेख के माध्यम से दी गई एथिकल हैकिंग से संबंधित समस्त जानकारी को पूरी तरह पढ़कर आज एथिकल हैकिंग के बारे मे बहुत कुछ नया सिखा होगा और यह जान लिया होगा की Ethical Hacking क्या है (What is Ethical hacking in Hindi) अगर आप सभी लोगों के मन मे टेक्नोलॉजी से सबंधित कोई भी सवाल हैं तो उसे आप नीचे Comment मे लिखकर पूछ सकते हैं।

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