Flutter क्या है? इसका उपयोग (Flutter in Hindi)

नमस्ते दोस्तों, इस आधुनिक युग मे कंप्युटर जैसे चीजों की उपयोगिता काफी अधिक बढ़ चुकी है जिसकी वजह से अब हर कोई इंटरनेट को समझने लगा है और इंटरनेट का उपयोग कर रहा है। लेकिन इन दिनों App Development को काफी अहमियत मिली है क्योंकि इंटरनेट सस्ते होने की वजह से Apps के Users काफी तेजी से बढ़ रहे है ऐसे मे Flutter क्या है? यह भी इसी से सबंधित सवाल है।

अगर शायद आपको इस बारे मे पता नहीं है तो बता दे की App Development किसी भी तरह के Apps को बनाने की प्रक्रिया है। जिसके तहत Developers प्रोग्रामिंग भाषाओ की मदद से App तैयार करते है और आज के समय मे Flutter भी App Development का ही एक हिस्सा बन चुका है, इसीलिए इसके बारे मे जानना जरूरी है।

जैसा किसी भी App को बनाने के लिए हमें प्रोग्रामिंग भाषाओ की जरूरत पड़ती है साथ मे हम एक समय मे सिर्फ किसी एक Operating System के लिए App बना सकते है, मान लीजिए हमने Android के लिए Application तैयार किया है और ऐसे मे हम उस App को IOS मे चलाना चाहते है तो उसके लिए हमे IOS के लिए अलग से कोड लिखना पड़ता है।

जिसमे वाकई मे काफी अधिक समय लगता है। इस समस्या का समाधान Flutter के द्वारा किया ज सकता है, तो चलिए अब हम Flutter से संबंधित समस्त जानकारी जैसे Flutter क्या होता है, Flutter का उपयोग इत्यादि को जानने और फिर से एक बार हिन्दी भाषा मे कुछ नया सीखें की शुरुआत करते है।

Flutter क्या है – What is Flutter in Hindi

Flutter एक प्रकार का गूगल के द्वारा बनाया गया UI Framework है, जिसे गूगल ने मई 2017 मे Release किया था, इसका उपयोग Native Application बनाने के लिए किया जाता हैं। इसके माध्यम से तैयार किए गए Codes को सभी तरह के प्लेटफॉर्म जैसे Mac, Desktop, Android, IOS मे चला सकते है।

इसे आसान भाषा मे समझने की कोशिश करे तो Flutter एक ऐसा फ्री ओपन सोर्स Toolkit है जिसका उपयोग करके हम सिर्फ एक प्रोग्रामिंग भाषा मे सिर्फ एक Codebase तैयार करके उस कोड को Desktop. Android. IOS, Mac इन सभी मे Run कर सकते है । इसमे Dart प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग किया जाता है, जिसे गूगल ने 2011 मे शुरू किया था। आज के समय मे Dart एक शक्तिशाली प्रोग्रामिंग भाषा बन चुका है।

Android मे Application तैयार करने के लिए हमे Java, Kotlin जैसे भाषाओ को सीखना पड़ता है एवं अगर हम IOS के लिए Application तैयार करना है तब हमे Objective C, Swift जैसी भाषाओ को सीखना पड़ता है ऐसे हम सिर्फ Flutter को सीखकर एक Codebase के अंदर Android, IOS, Desktop सभी के लिए Application बना सकते है।

Flutter को हम SDK भी कह सकते है जिसके जरिए हम Cross Platform Development कर सकते है, मतलब Flutter मे लिखे गए Codes को हम Android, IOS, Mac, Desktop पर आसानी से Run कर सकते है।

Cross Platform क्या है?

जैसा की हम जानते है की Flutter मे हम Cross Platform तैयार कर सकते है तो अब सवाल यह आता है की Cross Platform क्या है? तो आपको बता दे की एक ऐसा Codebase जिसे हम किसी भी Platform या Operating Environment मे Execute कर सकते है इसे हम Cross Platform कहते है।

Cross Platform को Multiplatform, Platform Independent इत्यादि नामो से भी जाना जाता है।

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Flutter का उपयोग किस लिए किया जाता है?

Flutter का उपयोग ऐसे Codebase को तैयार करने के लिए किया जाता है, जिन Codebase को किसी भी Platform पर Execute किया जा सके।

जैसे की अगर हम कोई मोबाइल Application तैयार कर रहे है तब हमे कोई भी एक Platform जैसे IOS, Android इत्यादि मे से कोई एक Platform का चयन करना होता है। उसी के आधार पर Codebase तैयार किया जाता है और उस Codebase को सिर्फ हम एक ही Planform पर Execute कर सकते है।

लेकिन अगर हम Flutter का उपयोग करके कोई Codebase तैयार करते है तब हम उस Codebase को Android, IOS एवं किसी भी Platform मे Execute कर सकते है, मतलब आसान भाषा मे समझे तो Flutter का उपयोग एक ही Codebase मे अलग अलग Platform के According अलग अलग Application बनाने के लिए किया जाता है।

Flutter बाकी Frameworks से क्यो बेहतर है?

अगर हम इस बात पर ध्यान दे की Flutter बाकी Frameworks से क्यो बेहतर है, तो आपको बता दे की Flutter का खुद क्या Rendering engine है।

मतलब जब हम किसी भी अन्य Framework की सहायता से Cross Platform के Codebase को तैयार करते है तब हम जिस Platform पर Codebase को Execute कर रहे है तब हमे उस Platform के Components की आवश्यकता होती है।

जैसे की अगर हमने किसी अन्य Framework की सहायता से एक Codebase तैयार किया है और हम उस Codebase को IOS Platform पर Execute कर रहे है तब Codebase को Execute करने के लिए IOS Platform के Components जैसे UI button इत्यादि की जरूरत होती है।

लेकिन वही पर हम Flutter Framework पर Codebase को किसी भी Platform मे execute कर रहे है तब हमे उस Platform के components की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि Flutter का खुद का Rendering Engine है, जो की हर एक Pixel जो drawn किया जाता है उसे खुद से Control करता है।

जिससे Platform के जो Native Components है उनकी Dependency कम होती है और हम Complex से Complex UI को बेहतर तरीके से डिजाइन कर सकते है, इसीलिए Flutter बाकी Frameworks से बेहतर माना जाता है।

Flutter का Requirements क्या है?

Flutter को अपने कम्प्यूटर में चलाने के लिए इसी कुछ Requirements है जो कि कंप्यूटर में मौजुद होना चाहिए तभी हम Flutter का उपयोग अपने कंप्यूटर पर कर सकते, इसके Requirements नीचे दिए गये है –

  1. Mac, Windows और Linux तीनो मे कोई एक आपरेटिंग सिस्टम होना चाहिए।
  2. कम से कम कंप्यूटर में 1GB रैम अवश्य होना चाहिए।
  3. इसके Dart प्रोग्रामिंग भाषा आना चाहिए।
  4. VS CODE या फिर Android Studio जैसे कोड एडिटर में इसका उपयोग कर सकते है।

Flutter का उपयोग कौन कौन सी कंपनी करती है?

अगर हम कुछ ऐसी कंपनीज कि बात करे जिन्होंने अपने Applications को बनाने के लिए Flutter का उपयोग किया है तो वर्तमान समय में ऐसी कई सारी बड़ बड़ी कंपनीज है जिन्होंने Flutter का उपयोग करके Applications तैयार किए है। तो चलिए उनके बारे में विस्तार से जानते है –

1. Alibaba. इसके बार मे तो आप जानते ही होंगे अगर नही जानते तो बता दे कि यह चीन का बहुत बड़ा ई कॉमर्स कंपनी है जिससे हम ऑनलाइन शापिंग कर सकते है इस कंपनी के Application Flutter का उपयोग करके बनाया गया है।

2. Google Ads. आपको इसके बारे में तो जरुर पता होगा की गुगल एड्स क्या है, अगर नही पता तो आपको बता दे कि यह गुगल का ही प्रोडक्ट जिसके माध्यम से हम अपने बिजनेस को उसके इंटरेस्ट ग्राहको तक पहुंचा सकते है। इसको बनाने के लिए भी Flutter का उपयोग किया गया है।

3. Dream 11. वर्तमान समय में Dream 11 Fantasy Games के लिए काफ़ी ज्यादा प्रसिद्ध है, क्योंकि इस में Fantasy Games खेलकर पैसा कमा सकते है इस App को बनाने के लिए Flutter का उपयोग किया गया।

4. Toyota. इसके बारे में आप सभी अवश्य जानते होंगे यह एक बेहद प्रसिद्ध कार कंपनी है जिसकी कारे पुरी दुनिया में प्रसिद्ध है इस कंपनी के App को बनाने के लिए Developer’s द्वारा Flutter का उपयोग किया गया है।

Advantages of Flutter in Hindi

वर्तमान समय मे Flutter की Demand बाकी Frameworks के मुकाबले काफी अधिक है क्योंकि इसके कई सारे फायदे है जो की नीचे दिए गए है –

  • Flutter मे हम सभी Platforms के लिए App Develop कर सकते है एक ही Codebase मे जिससे हमारे समय का काफी ज्यादा बचत होता है।
  • Flutter मे App Develop करने के लिए आपको एक ही प्रोग्रामिंग भाषा को सीखने की जरूरत होती है जिससे आप App के UI और Database दोनों को मैनेज कर सकते है।
  • Flutter मे हम सिर्फ मोबाइल App ही नहीं बल्कि Desktop Application एवं Website सभी चीजे एक Codebase मे Develop कर सकते है।
  • Flutter का खुद का Rendering Engine है जिसकी वजह से हम Complex से Complex UI को आसानी से डिजाइन कर सकते है।
  • Flutter पर Develop किए गए App Native Development की तरह होते है कही पर भी Cross Platform Development की तरह नहीं लगता है।
  • Flutter का खुद का Rendering Engine है जिसकी वजह से flutter मे Develop किए गए Apps की Performance बहुत ही बेहतर होता है।
  • Flutter मे उपयोग की जाने वाली भाषा जो Dart Language है इसे सीखना काफी आसान है।

Disadvantage’s Of Flutter in Hindi

Flutter के फायदे अधिक है लेकिन इसके कुछ नुकसान भी है जो की निम्नलिखित है –

  • Flutter अभी इतना ज्यादा पुराना नहीं है जिस वजह से इसका Community इतना ज्यादा बड़ा नहीं है, ऐसे मे अगर आपको Flutter मे Code करते वक्त अगर कोई Errors आ जाता है तो उसे Fix करने मे अधिक समय लग सकता है, क्योंकि इंटरनेट पर उस Error का हल मिलना बहुत मुश्किल होगा।
  • Flutter की मदद से बनाए गए Application भारी होते है, जिसकी मदद से Native के मुकाबले इनकी Performance इतना अच्छा होता है।
  • Flutter मे Dart प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग किया जाता है जो की इतना प्रसिद्ध नहीं है।

निष्कर्ष

अगर हम देखे तो Flutter बाकी Framework’s के मुकाबले काफी बेहतर है, क्योंकि इसकी मदद से हम एक Codebase मे ही सभी Platforms के लिए Applications तैयार कर सकते है। अब हमने आपके साथ Flutter से संबंधित समस्त जानकारी को इस लेख के माध्यम से साझा कर दिया है, उम्मीद हैं की आपने इस बहुत कुछ सिखा होगा और यह जान लिया होगा कि Flutter क्या है (What is Flutter in Hindi)

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