Quantum Physics क्या है | Quantum Physics in Hindi

Quantum physics in Hindi : Quantum physics को सूक्ष्म भौतिक विज्ञान कहा जाता हैं, और लगभग सभी क्वांटम फिजिक्स का नाम सुनकर ही डर जाते है और सोचते है कि Quantum physics समझ से परे हैं। वैसे यह सच है कि क्वांटम भौतिक विज्ञान को समझ पाना मुश्किल है क्योंकि यह विज्ञान का क्षैत्र आज भी उलझनों से भरा हुआ है।

हम काफी समय की मेहनत के बाद, आज हम यूनिवर्स यानी ब्रह्मांड की भौतिक विज्ञान को समझने के काबिल हुए हैं। लेकिन फिर भी हमारे पास ऐसे कुछ तथ्य हैं जिसके पीछे की विज्ञान को हम नही समझ पा रहे हैं। Quantum Physics भी ब्रह्मांड का हिस्सा है जिसे आज भी हम पूरी तरह समझनें में सफल नही हुए है।

Quantum physics को समझना आज भी काफी मुश्किल है हालांकि हमारे पास क्वांटम विज्ञान से संबंधित कुछ जानकारी है जिसे समझा जा सकता है। आज मैं आपको इस आर्टिकल में बताऊंगा कि Quantum Physics क्या है, इसका इतिहास क्या है और क्वांटम सिद्धांत क्या है आदि।

Quantum Physics क्या है (What Is Quantum Physics In Hindi)

यह भौतिक विज्ञान का वह हिस्सा है जिसमें बहुत ही छोटे कणों जैसे अणु, परमाणु, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे सब अटॉमिक कणों का अध्ययन किया जाता है। यह सभी कण बहुत ही ज्यादा छोटे होते हैं जिन्हे हम सीधा आंखों से नही देख सकते है।

Quantum Physics की शुरूआत प्लांक द्वारा Quantum की खोज के बाद हुई। जब मैक्स प्लांक ने इसे खोजा था, उसके बाद प्लांक की थ्योरी के आधार पर अनेक वैज्ञानिकों ने प्रयोग किये और फिर प्रोटोन, इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन आदि की खोज हुई। आज Quantum Physics में इन्हे कणों का अध्ययन किया जाता हैं ताकि भविष्य में और भी रहस्यमय तकनीक का विकास हो सके।

Quantum का इतिहास क्या है (Quantum History In Hindi)

20वीं सदी में यह माना जाता था कि पूरे ब्रह्मांड में सबसे छोटी चीज परमाणु ही है, और ब्रह्मांण का हर छोटे से छोटा कण इसी से बना हुआ है। सन् 1900 में मैक्स प्लांक नामक वैज्ञानिक ने ब्लेक बॉडी रेडियेशन की मदद से एक प्रयोग किया जिसमें उन्होने एक अजीब चीज देखी।

पहले के समय में प्रकाश को तरंगों का समूह माना जाता था मतलब प्रकाश सिर्फ तरंगो से बना है। लेकिन प्लांक ने अपने प्रयोग में देखा कि प्रकाश एक कण की तरह व्यवहार प्रदर्शित कर रहा है।

इस प्रयोग ने प्लांक को लगा कि प्रकाश पूरी तरह से ऊर्जा नही है बल्कि यह छोटे छोटे ऊर्जा के भागों से बना हुआ है। और इन्ही छोटे- छोटे उर्जा कणों को क्वांटा कहा गया। और बस यही से शुरू हुआ Quantum Physics।

इसके महत्वपूर्ण खोज के बाद कई विज्ञानिकों ने क्वांटम फिजिक्स में भाग लिया और अपने प्रयोग करने शुरू किये। और तब खोज में प्रोटोन और इलेक्ट्रॉन की भी खोज हुई। और यह कण परमाणु से भी छोटे होते है जो परमाणु में ही पाये जाते हैं। इनकी खोज के बाद यह कहा जा सकता है कि ब्रह्मांण की सबसे छोटी से छोटी चीज परमाणु नही है।

इसके बाद फिर Quantum Physics में खोज होती रही और न्यूट्रॉन, पॉज़िट्रॉन, फोटोन जैसे अति सूक्षम कणों की भी खोज हुई। अब यह विज्ञान का क्षैत्र काफी विकसित हो गया जिसमें दिनों दिन नये प्रयोग किये जाने लगे। और प्रयोग में देखा गया कि यह सूक्ष्म कण बहुत अजीब व्यवहार प्रदर्शित कर रहे हैं।

भौतिक विज्ञान में इतने छोटे कणों पर सामान्य नियम काम नही दे रहे थे इसलिए  इन कणों के अध्ययन के लिए एक अलग नया मॉडल प्रस्तुत किया गया जिसे Standard Model नाम दिया गया। आज के समय में इन्ही सुक्ष्म कणों की दुनिया का अध्ययन Quantum Physics में किया जाता है।

क्वांटम क्या है (What Is Quantum In Hindi)

मैक्स प्लांक ने बताया कि ऊर्जा तरंगे नही होती है बल्कि कई छोटे छोटे ऊर्जा के पैकेट होते है जिन्हे क्वांटा कहा गया। और यह भी बताया कि क्वांटा की ऊर्जा निष्य होती है मतलब ऊर्जा प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करती है। जिसका फॉर्मुला  E= HV बताया गया जिसमें H प्लांक स्थिरांक है और V प्रकार की आवृति (Frequency) है।

क्या आपको पता है दुनिया में जो भी छोटी से छोटी ऊर्जा से चलती है और ऊर्जा क्वांटम फिजिक्स से संबंधित है। आज हमारी जिंदगी में क्वांटम फिजिक्स का काफी महत्व है तभी तो हमे कई अदभूद चीजे मिली हैं, जैसे मोबाइल, डिजिटल कैमरा, LED आदि।

क्वांटम सिद्धान्त क्या है (Quantum Theory In Hindi)

आप तो जानते ही होंगे कि Physics एक ऐसी विज्ञान है जहां पर गणितीय नियम लगाकर उसे समझा जाता है। लेकिन सूक्ष्म भौतिक विज्ञान के लिए कोई भी सामान्य काम नहीं करते हैं। और इसी वजह से क्वांटम को समझने के लिए एक नयी थियोरी को प्रस्तुत किया गया, जिसे Quantum Field Theory कहा गया।

इस थियरी के द्वारा हम सूक्ष्म स्तर पर ऊर्जा और कणों के स्वभाव और उनके व्यवहार को समझ सकते है। वर्तमान में इस थियरी के आधार पर कई रहस्यमय प्रयोग किए गये, जिससे हमें बहुत कुछ मिला है।

E = HV

  1. यहां पर जहां H प्लांक constant है
  2. V आवृत्ति (frequency) है

चलिए अब हम क्वांटम फिजिक्स से जुड़ी अवधारणाओं के बारे में जानते हैं।

Quantum का Double Slit Experiment क्या है ?

Double slit के प्रयोग से पता चला की प्रकाश कण और तरंग दोनों तरह से व्यवहार करता है। एक वैज्ञानिक ने 1805 में एक प्रयोग किया जिसमें एक बोर्ड लीया जिसके सामने प्रकाश निकालने वाल गन रखी, और बीच में दो तिराडे (Slit) वाली प्लेट रखी । अब उन्होने प्रकाश को निकाला तो देखा कि प्रकार तिराड से निकलकर बोर्ड पर पहुंच रहा है।

प्रयोग में देखा गया कि प्रकाश तिराड जितनी जगह में न रहकर आसपास विस्तार में फैल गया जिससे साबित हुआ कि प्रकाश तरंग का स्वभाव प्रदर्शित करता है। लेकिन प्लांक ने इसे कण का स्वभाव बताया। तब इस प्रयोग को दुबारा किया और प्लेट के पहले सेंसर रखा। इस बार देखा की प्रकार कण की तरब बर्ताव कर रहा है। इससे सिद्ध हुआ की प्रकाश तरंग और कण दोनो का व्यवहार प्रदर्शित करता है।

Quantum का Heisenberg Uncertainty Principle क्या है

यह क्वांटम फिजिक्स का एक काफी महत्वपूर्ण धारणा है कि क्वांटम की दुनिया में बहुत ज्यादा छोटे कण जैसे इलेक्ट्रॉन और फोटोन होते हैं। और इस क्वांटम की दुनिया में किसी भी घटना के होनी पूरी संभावना यानी 100% तक नही होती है। मतलब दुनिया में कभी भी कोई भी घटना घट सकती है।

इसके अलावा क्वांटम कणों की एक ही समय पर जगह और ऊर्जा को जानना बिल्कुल असंभव है। क्वांटम का कौनसा कण किस जगह होगा और किस स्थिति में होगा, यह एक ही समय में नही बताया जा सकता है क्योंकि कणों की स्थिति परिवर्तनशील बनी रहती है।

Quantum का Quantum entanglement क्या है ?

यह क्वांटम फिजिक्स का एक बहुत ही अद्भूद धारणा हैं। इस धारणा के अनुसार जब क्वांटम के कोई दो कण एक दुसरे के साथ संपर्क में आते है तो वे जुड़ जाते हैं। और इसके बाद जब इन  दोनों कणों को दूर कर दिया जाता है और इनेक बीच की दूरी कई हजारो किलोमीटर की कर दी जाती है। तब भी अगर किसी एक कण में कोई बदलाव किया जाता है तो दूसरे में भी वही बदलाव देखने को मिलता है।

इस तरह क्वांटम फिजिक्स का प्रयोग एक फोटोन को 213 किलोमीटर दूर टेलीपोर्ट में किया गया था।

नोट: मैने यहां पर कुछ महत्वपूर्ण क्वांटम फिजिक्स की धारणाओं के बारे में बताया हैं। हालांकि इसके अलावा भी क्वांटम फिजिक्स में अनेक धारणों को प्रस्तुत किया गया हैं।

FAQs – What is Quantum Physics in Hindi

इस आर्टिकल में हमने जाना कि Quantum Physics क्या है? चलिए अब हम Quantum Physic से जुड़े कुछ FAQs पर चर्चा करते हैं।

Quantum Physics की खोज कब और कैसे हुई थी?

इसकी खोज मैक्स प्लांक ने 14 सितंबर 1900 में की थी जब उन्होने ब्लैक बॉडी रेडिएशन के साथ प्रयोग किया था। उन्होने पाया कि प्रकाश और अन्य विद्युत चुंबकीय विकिरण केवल ऊर्जा तरंग के रूप में नही होते है, बल्कि ऊर्जा के छोटे-छोटे हिस्सों में यानी कणों के रूप में होती है। इस महान खोज के लिए मैक्स प्लांक को नोबेल प्राइज भी दिया गया था, क्योंकि इनकी खोज ने फिजिक्स क्षैत्र में क्रांति ला दी थी।

परमाणु का क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Physics) मॉडल क्या है?

परमाउ के क्वांटम यात्रिकी मॉडल में डी ब्रोगली तरंग दैर्ध्य, हाइजेन बर्ग अनिश्चितता सिद्धां और श्रोडिंगर समीकरण को एक साथ उपयोग किया गया। और फिर इलेक्ट्रॉनों को संभाव्य पदार्थ तरंगो के रूप में सोचा जाता है।

क्वांटम साइंस (Quantum Science) क्या है?

Quantum Physics साइंस का ही भाग है, अत: क्वांटम साइंट भौतिक विज्ञान का वह हिस्सा है जिसमें बहुत छोटे-छोटे कणों जैसे अणु, परमाणु, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रोन जैसे सब अटॉमिक कणों का का अध्ययन किया जाता हैं। यह क्वांटम फिजिक्स बीसवी सदी का सबसे रोचक सिद्धांत था जिसे क्वांटम मैकेनिक्स और क्वांटम फील्ड थियरी कहा गया।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में मैने आपको बताया कि क्वांटम फिजिक्स क्या है? मैने यहां पर क्वांटम की खोज और उसके इतिहास के बारे में बताया है कि कैसे क्वांटम की खोज हुई। इसके अलावा मैने यहां पर क्वांटम के सिद्धांतो के बारे में भी बताया हैं, जिसे पढ़कर शायद आपने क्वांटम फिजिक्स के बारे मे विस्तार से जान लिया होगा।

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