एम्बेडेड सिस्टम क्या है इसकी विशेषताएं – What is Embedded System in Hindi

आप सभी को बता दे की हम अक्सर अपने दैनिक जीवन मे एम्बेडेड सिस्टम का उपयोग करते है लेकिन ऐसे काफी सारे लोग है जिन्हे की एम्बेडेड सिस्टम क्या है? इस विषय मे कोई जानकारी नहीं है, इसे अगर हम एक आम भाषा मे समझे तो यह एक प्रकार का कंप्युटर ही है जो की एक सिस्टम के साथ Embedded होता है यानि जुड़ा होता है जो की किसी Specific कार्य को ही कर सकता है।

वर्तमान समय मे हमारे जीवन को डिजिटल और सुविधाजनक बनाने मे एम्बेडेड सिस्टम का काफी बड़ा योगदान रहा है क्योंकि यह कंप्युटर का ही एक प्रकार होता है लेकिन इसमे डेस्कटॉप कंप्युटर के तरह विभिन्न कार्य को पुरा करने का क्षमता मौजूद नहीं होता है। आने वाला समय मे भी एम्बेडेड सिस्टम का योगदान हमारे जीवन मे काफी अधिक रहने वाला है।

ऐसे मे अगर आप भी टेक्नोलॉजी की इस दुनिया मे कंप्युटर, टेक्नोलॉजी जैसी चीजों मे रुचि रखते है और इसी क्षेत्र मे आगे बढ़ना चाहते है तब आपको एम्बेडेड सिस्टम क्या होता है, इस बारे मे जानना चाहिए क्योंकि एम्बेडेड सिस्टम ही आने वाले समस्त डिजिटल डिवाइसो का भविष्य है इसलिए एम्बेडेड सिस्टम को समझना और इसके बारे मे जानना आवश्यक है।

तो चलिए अब हम एम्बेडेड सिस्टम से जुड़े सभी जानकारी जैसे एम्बेडेड सिस्टम क्या होता है, एम्बेडेड सिस्टम के विशेषताएं, एम्बेडेड सिस्टम के Components एवं Structure, एम्बेडेड सिस्टम कितने प्रकार के होते है, इत्यादि को विस्तार से जानने की शुरुआत करते है।

एम्बेडेड सिस्टम क्या है (Embedded System in Hindi)

यह एक प्रकार का कंप्युटर सिस्टम होता है जिसमे की हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों ही एक दूसरे के साथ Combine होते है जो की किसी Specific कार्य को करने के लिए बनाए गए होते है, इसमे RTOS यानि की Real Time Operating System का उपयोग किया जाता है जिसके द्वारा ही कोई उपयोगकर्ता एम्बेडेड सिस्टम के साथ Interact कर पाता है लेकीन निम्न स्तर के एम्बेडेड सिस्टम RTOS का उपयोग नहीं किया जाता है।

एम्बेडेड सिस्टम मे Microcontroller एवं Microprocessor का उपयोग किया जाता है जो की एम्बेडेड सिस्टम मे दिमाग की तरह कार्य करता है यही एम्बेडेड सिस्टम का दिमाग होता है, एम्बेडेड सिस्टम हार्डवेयर पर पहले से ही कोई प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर Embedded होता है यानि डला होता है यह अक्सर एक स्वतंत्र सिस्टम या फिर एक बड़े सिस्टम का भाग होता है।

एम्बेडेड सिस्टम दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है जिसमे से पहला है एम्बेडेड. जिसका मतलब होता है ऐसी चीज जो किसी दूसरी चीज से जुड़ा हुआ है। उसके बाद आता है सिस्टम. जिसे हम कार्य को करने का तरीका कह सकते है, अलग अलग यूनिट का एक Arrangement कह सकते है जिसे किसी कार्य को करने के Arrange किया गया है।

अब हम इन दोनों को शब्दों के अर्थ को मिलकर कहे तो एक ऐसा चीज जो किसी दूसरी चीज से जुड़ा हुआ है और जिसके द्वारा किसी कार्य को किया जाता है।

एम्बेडेड सिस्टम कंप्युटर की तरह ही कार्य करता है लेकिन इसके जरिए हम कंप्युटर के तरह Multiple task को पूरे नहीं कर सकते है क्योंकि इसे सिर्फ किसी Specific Task को Perform करने के लिए बनाया गया होता है,

आज के समय मे हम अपने दैनिक जीवन एम्बेडेड सिस्टम का उपयोग कर रहे है जैसे की Camera जो की सिर्फ फोटो खींच सकता है और वीडियो रिकार्ड कर सकता है इसमे हार्डवेयर होता है जिसे हम पकड़ते है और सॉफ्टवेयर उस हार्डवेयर मे डला हुआ होता है जिसके द्वारा कैमरा को किसी फोटो को खींचने के लिए Instruction दे पाते है।

एम्बेडेड सिस्टम का इतिहास (History)

अगर हम इसके इतिहास की बात करे तो दुनिया का पहला एम्बेडेड सिस्टम Apollo Guidance Computer है जिसे की Charles Stark Draper जो की एक अमेरिकन वैज्ञानिक और इंजीनियर थे उन्होंने 1960 मे MIT (Massachusetts Institute Of Technology) के उपकरण प्रयोगशाला मे इसे विकसित किया था, यह Embedded System चंद्रमा पर चंद्र भ्रमण के Module के Navigation और Guidance को कंट्रोल करने का काम करता था।

उसके बाद 1965 मे ऑटोनेटिक्स नामक एक कंपनी ने अपने Menuteman मिसाइल के लिए D17B नामक एक एम्बेडेड सिस्टम को विकसित किया, उसके बाद 1968 मे गाड़ियों के लिए पहला एम्बेडेड सिस्टम रिलीज किया गया। उसके बाद Texas Instruments नामक कंपनी ने पहला Microcontroller 1971 मे विकसित किया, फिर 1996 मे माइक्रोसॉफ्ट INC. द्वारा एम्बेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया।

जिसके बाद 1990 मे लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग एम्बेडेड डिवाइसो मे किया जाने लगा फिर 19 के दशक खत्म होने के बाद एम्बेडेड सिस्टम का उपयोग लोगों के घरों किया जाने लगा एवं वर्तमान समय मे लगभग हर एक व्यक्ति अपने घर मे किसी न किसी रूप मे एम्बेडेड सिस्टम का उपयोग कर रहा है।

एम्बेडेड सिस्टम कितने प्रकार के होते है (Types)

अब अगर हम एम्बेडेड सिस्टम के प्रकार पर चर्चा करे तो आपको बता दे की एम्बेडेड सिस्टम मुख्य रूप से चार प्रकार के होते है जो की निम्नलिखित है :-

1. रियलटाइम एम्बेडेड सिस्टम

यह कुछ इस तरह के एम्बेडेड सिस्टम होते है जो की तुरंत Result या आउट्पुट प्रदान करते है। रियलटाइम एम्बेडेड सिस्टम महत्वपूर्ण समयों पर तुरंत ही Output देने है जिसकी वजह से इस तरह के एम्बेडेड सिस्टम स्वास्थ्य, सैन्य जैसे क्षेत्रों मे किया जाता है।

2. स्टैन्ड अलोन एम्बेडेड सिस्टम

स्टैन्ड अलोन एम्बेडेड सिस्टम एक ऐसा एम्बेडेड सिस्टम होता है जो की किसी बड़े सिस्टम का भाग नहीं होता है और न ही यह किसी बड़े सिस्टम पर Host रहते है यह स्वतंत्र रूप से कार्य करते है मतलब यह स्वतंत्र सिस्टम होते है। इस तरह एम्बेडेड सिस्टम एनालॉग या फिर डिजिटल रूप मे Input लेकर Output देते है, जैसे Calculator, Microwave इत्यादि।

3. नेटवर्क एम्बेडेड सिस्टम

नेटवर्क एम्बेडेड सिस्टम ऐसे एम्बेडेड सिस्टम होते है जो की नेटवर्क के साथ Connected होते है ये वायर वाले ये वायरलेस दोनों ही होते है। यह नेटवर्क के माध्यम से वेब सर्वर के साथ Communicate करते है और ये वायर या वायरलेस के जरिए आउट्पुट देते है।

4. मोबाइल एम्बेडेड सिस्टम

इस प्रकार के एम्बेडेड सिस्टम आकार मे छोटे एवं Portable होते है। इन्हे आसानी से उपयोग किया जा सकता है क्योंकि इस तरह के एम्बेडेड सिस्टम के लिए इतना अधिक Resources की आवश्यकता नहीं होती है एवं आप सभी को यह भी बता दे की सभी तरह के मोबाइल एम्बेडेड सिस्टम एक प्रकार के स्टैन्ड अलोन एम्बेडेड सिस्टम ही होते है लेकिन वही पर सभी स्टैन्ड अलोन एम्बेडेड सिस्टम मोबाइल एम्बेडेड नहीं होते है।

एम्बेडेड सिस्टम के विशेषताएं (Characteristics)

आज के समय मे लगभग हर एक क्षेत्र मे एम्बेडेड सिस्टम का उपयोग किया जाता है क्योंकि इसके विभिन्न विशेषताएं है जैसे :-

1. एक कार्य करना. एम्बेडेड सिस्टम मे विभिन्न प्रकार के Functions नहीं होते है बल्कि इनमे Specific Function मौजूद होता है जैसे की प्रिंटर सिर्फ प्रिंटिंग के कार्यों को ही करता है।

2. खर्च कम और बिजली की खपत कम. एम्बेडेड सिस्टम इतना अधिक महंगा नहीं होता है एवं यह सामनी सिस्टम के मुकाबले काफी कम मात्रा मे बिजली का खपत करता है।

3. छोटा आकार और अच्छा Performance. एम्बेडेड सिस्टम का आकार इतना अधिक बड़ा नहीं होता है एवं साइज़ के हिसाब से इसकी Performance काफी अच्छी होती है।

4. Microprocessor/Microcontroller आधारित होते है. एम्बेडेड सिस्टम Microprocessor आधारित होते है या तो Microcontroller आधारित होते है और Microprocessor General Purpose Processor न होकर Application आधारित Microprocessor होना चाहिए।

5. रियल टाइम Operations. एम्बेडेड सिस्टम मे रियल टाइम Operations होना चाहिए एवं यह काफी जरूरी होता है। ये लगातार Environment को Sens करके रियल टाइम मे परिणाम देते रहना चाहिए जैसे अगर हम एक DSLR कैमरा जो की एक एम्बेडेड सिस्टम इसमे फोटो खींचते समय तुरंत Flashlight का Active होना आवश्यक है।

6. Stable और Reliable. एम्बेडेड सिस्टम को किसी यूजर के द्वारा बदलना या Upgrade करना मुमकिन नहीं है इस वजह से एम्बेडेड सिस्टम Stable और Reliable होना चाहिए।

7. सॉफ्टवेयर का उपयोग. एम्बेडेड सिस्टम मे अधिक और Advance Features और अधिक Flexibility के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाता है।

8. हार्डवेयर का उपयोग. एम्बेडेड सिस्टम मे सुरक्षा और एक अच्छी Performance के लिए हार्डवेयर का उपयोग किया जाता है।

एम्बेडेड सिस्टम के घटक (Components)

एम्बेडेड सिस्टम मे मुख्य रूप से हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम ये तीन घटक मौजूद होते है तो चलिए इन्हे एक एक कर के समझते है :-

1. हार्डवेयर. एम्बेडेड सिस्टम का हार्डवेयर वह भाग होता है जिसे की हम छूते है इसमे माइक्रोकंट्रोलर, माइक्रोप्रोसेसर इत्यादि सभी हार्डवेयर के भाग मे आते है और एम्बेडेड सिस्टम के हार्डवेयर मे विभिन्न तरह के Components लगाए जाते है, आपने स्मार्टवॉच का तो उपयोग किया होगा स्मार्टवॉच मे हम जिसे छूकर अपने कलाई मे पहनते है वह पुरा भाग हार्डवेयर कहलाता है।

2. सॉफ्टवेयर. एक एम्बेडेड सिस्टम मे सॉफ्टवेयर का काफी अहमियत होता है इसके हार्डवेयर भाग मे कंप्युटर के माध्यम से सॉफ्टवेयर डाला जाता है जिसे अक्सर Application सॉफ्टवेयर कहा जाता है, सॉफ्टवेयर के द्वारा ही एम्बेडेड सिस्टम कैसे किसी Task को पुरा करेगा यह निर्धारित होता है।

3. रियलटाइम ऑपरेटिंग सिस्टम. यह भी एक प्रकार का सॉफ्टवेयर ही होता है लेकिन वह Application सॉफ्टवेयर से अलग होता है आपको बता दे की हर एक एम्बेडेड सिस्टम मे रियलटाइम ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं होते है एवं खासकर उनमे जिसमे Simple task और एक ही Operation को करने के लिए बनता गया होता है। यही नियम बनाते है की सिस्टम किस तरह कार्य करेगा और इसी के जरिए सॉफ्टवेयर को मैनेज किया जाता है।

एम्बेडेड सिस्टम का स्ट्रक्चर (Structure)

एम्बेडेड सिस्टम के स्ट्रक्चर मे मुख्य रूप से इनपुट, प्रोसेसर और आउट्पुट इन दिनों का योगदान रहता है तो चलिए हम एम्बेडेड सिस्टम के स्ट्रक्चर से समझते है :-

1. इनपुट (Sensors). Sensors, Buttons, Touch Screen ये इन सभी के माध्यम से एम्बेडेड सिस्टम को इनपुट दिया जाता है एवं इन्ही के जरिए ही एम्बेडेड सिस्टम इनपुट डेटा को प्राप्त करता है और ADC को भेजता है।

2. ADC. यह इनपुट डेटा को एनालॉग से डिजिटल मे परिवर्तित कर आगे प्रोसेसर तक पहुंचाने का कार्य करता है।

3. प्रोसेसर. यह इनपुट डेटा को प्रोसेसर का Control Unit भाग सबसे पहले Process करता है यानि डेटा के Flow को नियंत्रित करता है फिर उसे Memory unit तक भेजता है फिर Memory Unit मे डेटा सेव होता है फिर Memory Unit उसे Execution Unit तक भेजता है जहां पर डेटा Execute होता है।

4. DAC. यह प्रोसेसर से प्राप्त डिजिटल डेटा को फिर से यह एनालॉग मे परिवर्तित करता है और उसे यह आउट्पुट तक भेजता है।

5. आउट्पुट (Actuator). अब जो आउट्पुट DAC की मदद से प्राप्त हुआ है उस आउट्पुट की तुलना Actuator उसमे Stored आउट्पुट से करता है और उस आउट्पुट को यह Approved आउट्पुट के रूप मे Store करता है।

एम्बेडेड सिस्टम के फायदे (Advantages)

एम्बेडेड सिस्टम के कई सारे Advantages है जो की नीचे दिए गए है :-

  • इनका साइज़ छोटा है जिसकी वजह से ये कम बिजली की खपत करते है।
  • एम्बेडेड सिस्टम कंप्युटर सिस्टम के मुकाबले काफी सस्ते होते है
  • यह किसी एक कार्य को करने के लिए काफी अधिक बेहतर होते है।
  • ये Portable होते है जिसकी वजह से इसे मैनेज करना आसान होता है।
  • एम्बेडेड सिस्टम सैन्य, स्वास्थ्य जैसे विशेष क्षेत्रों मे किसी विशेष कार्य को करने मे सक्षम होते है।
  • एम्बेडेड सिस्टम उपयोगकर्ता को सटीक परिणाम देने मे सक्षम होता है।
  • एम्बेडेड सिस्टम एक समय मे एक ही कार्य को करते है इस वजह से इनका Performance काफी अच्छा होता है।

एम्बेडेड सिस्टम के नुकसान (Disadvantages)

एम्बेडेड सिस्टम के फायदे होने के साथ इसके कुछ नुकसान भी है जो की निम्नलिखित है :-

  • इनके Errors को Fix करना काफी अधिक कठिन होता है।
  • एम्बेडेड सिस्टम को Update या फिर Upgrade नहीं किया जा सकता है।
  • एम्बेडेड सिस्टम का Backup लेना काफी अधिक कठिन है।
  • अगर एम्बेडेड सिस्टम Damage हो जाता है तब उसे ठीक करना काफी कठिन होता है सीधा एम्बेडेड सिस्टम को ही बदलना पड़ता है।
  • एम्बेडेड सिस्टम को अधिक Modify नहीं किया जा सकता है।

निष्कर्ष

एम्बेडेड सिस्टम आज के समय मे हमारे जीवन का एक हिस्सा बन चुका है इसलिए इसके बारे मे जानना काफी अधिक जरूरी था, इस वजह से हमने आज के इस आर्टिकल को लिखने का चयन किया जिसके माध्यम से अब मैंने आपके साथ एम्बेडेड सिस्टम से जुड़े समस्त जानकारीयो को विस्तारपूर्ण साझा कर दिया है जिसे पढ़कर आज आपने एम्बेडेड सिस्टम के बारे मे काफी कुछ सीखा होगा।

उम्मीद है की आज का यह आर्टिकल आप सभी के काम का रहा होगा एवं इस आर्टिकल को पढ़कर आपने एम्बेडेड सिस्टम क्या है (What is Embedded System in Hindi) के बारे मे जान लिया होगा, अंत मे मैं आप सभी से यही Request करता हूँ की आपके मन मे इस आर्टिकल से जुड़ा कोई भी सुझाव है तो उसे बेहिचक Comment मे लिखे और इस आर्टिकल को Twitter, Facebook पर भी साझा करे।

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