Data Analysis क्या है? Process, Types (Data Analysis in Hindi)

आज के समय में डाटा एनालिसिस करना बेहद जरूरी हो गया है। Data Analysis का उपयोग औद्योगिक क्षैत्र, शिक्षा क्षैत्र, राजनीति क्षैत्र और अन्य अनेक क्षैत्र में होता हैं। तो आखिर Data Analysis क्या है, और यह क्यों जरूरी है। इस लेख में, मैं आपको Data Analysis In Hindi में पूरी जानकारी दूंगा।

Data Analysis का हिंदी अर्थ “डाटा का विश्लेषण” करना है, जिसका मतलब है कि किसी क्षैत्र में बहुत सारे डाटा को परखना और उसमें से उपयोगी डाटा को पहचानना। यह डाटा किसी भी प्रकार का हो सकता है, जैसे- स्टॉक मार्केट का डाटा, मेडिकल डाटा, रिटेल का डाटा या फिर किसी बड़ी कंपनी का डाटा इत्यादि।

अब खड़े होते हैं कि आखिर Data Analysis क्या है, डाटा एनालिसिस क्यों करे, डाटा एनालिसिस के प्रकार क्या है, डाटा एनलिसिस करने की प्रक्रिया क्या है इत्यादि।

Data Analysis Definition In Hindi

Data Analysis यानी डाटा विश्लेषण करना, जिसका मतलब है कि बहुत सारे डाटा को परखकर उसमें से उपयोगी डाटा को पहचानना। और इसी प्रक्रिया को डाटा एनालिसिस कहते है। बहुत सारे लोग गुगल “Data Analysis Meaning In Hindi” को सर्च करते है। जबकि इसका साधारण मतलब यही है कि किसी डाटा में से विशेष उपयोगी डाटा को पहचानना।

आप जानते है कि किसी व्यवसाय में, किसी सामाजिक सुधार में, किसी शोध कार्य में, किसी योजना किर्यान्वयन में या किसी भी अन्य क्षैत्र में जानकारी एकत्रित करना और उसे व्यवस्थित करना एंव उसे समझना, एक बहुत कठिन कार्य है। लेकिन यह कठिन कार्य डेटा एनालिसिस से संभव है।

डेटा विश्लेषण क्या है समझाइए

Data Analysis को सरल भाषा में समझे तो यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी डेटा से परिणाम प्राप्त करने के लिए अव्यवस्थित डेटा का मूल्यांकन किया जाता है।

डाटा एनिलिसिस काम में डाटा सेटअप करना एवं व्यवस्थित करना, मॉडलों को लागू करना, प्रमुख निष्कर्षों को पहचानना और रिपोर्ट तैयार करना जैसे अनेक चरण शामिल होते हैं। Data Analysis का उपयोग किसी डेटा को समझने के लिए और उससे बेहतर परिणाम प्राप्त करने में किया जाता है।

एक डेटा एनालिसिस प्रक्रिया में डाटा माइनिंग, प्रेडिक्टिव एनालिसिस, सांख्यिकी एनालिसिस, डिस्क्रिप्टिव, बिजनेस एनालिसिस और बड़े डाटा एनालिसिस इत्यादि को शामिल किया जा सकता है।

उदाहरण : गूगल Data Analysis का एक बहुत अच्छा उदाहरण है। क्योंकि जब हम गूगल में किसी जानकारी के लिए सर्च करते है तो गूगल बहुत सारी वेबसाइट्स को एनालिसिस करके हमें सबसे अच्छी वेबसाइट सबसे पहले दिखाता है।

Data Analysis क्यो करें?

डाटा एनालिसिस का मतलब किसी डाटा से परिणाम प्राप्त करने के लिए अव्यवस्थित डाटा का मूल्यांकन करना। और यही डाटा एनालिसिस की सबसे बड़ी उपयोगीता है कि अव्यवस्थित डाटा से परिणाम निकालना।

Data Analysis का उपयोग अनेक में क्षैत्र में डाटा के मूल्यांकन के लिए किया जाता हैं, जैसे मेडिकल क्षैत्र, शेयर मार्केट, उद्योग क्षैत्र, शिक्षा क्षैत्र, सामाजिक सुधार क्षैत्र, किसी योजना को लागू करने व उसके क्रियान्वयन के लिए, बिजनेस शुरू करने और बिजनेस बढ़ाने के लिए इत्यादि।

डाटा एनालिसिस करने से हमें एक सुव्यवस्थित डाटा मिलता है, जिसका इस्तेमाल करना काफी आसान होता है। Data Analysis का सबसे ज्यादा फायदा बिजनेस और शेयर मार्केट में होता है। क्योकि Data Analysis से ही बिजनेस को नई ऊंचाईयों तक ले जा सकते है और इसी से हम शेयर मार्केट में सबसे ज्यादा मुनाफा कमा सकते है।

डाटा एनालिसिस के प्रकार (Types of Data Analysis)

अब तक हमने जाना कि Data Analysis क्या है और Data Analysis क्यों जरूरी हैं।

देखा जाए तो  data analysis को उसकी उपयोगीता के आधार पर मुख्य रूप से चार भागों में बांटा गया हैं। जो निम्नलिखित हैं-

#1. डिस्क्रिप्टिव एनालिसिस (Descriptive Analysis) : इस एनालिसिस प्रक्रिया में समय के साथ घटित होने वाली घटनाओं के डाटा का परिणाम प्रदर्शित किया जाता है। जैसे- किसी बिजनेस में वर्तमान महीने की बक्री और पिछले महीने की बिक्री के डाटा को एनालिसिस करना।

#2. डायग्नोस्टिक एनालिसिस (Diagnostic Analysis) : यह एनालिसिस प्रक्रिया किसी घटना के कारण पर केंद्रित होती है। जैसे किसी प्रोडक्ट की बिक्री पर नई विज्ञान पॉलिसी का क्या प्रभाव होगा, या बीयर की बिक्री पर मौसम का क्या प्रभाव होगा? इस तरह सवालों के जवाब देने वाले डेटा की जांच करके एनालिसिस रिपोर्ट तैयार करना।

#3. प्रिडिक्टिव एनालिसिस (Predictive Analysis) : यह एनालिसिस प्रक्रिया होने वाली घटनाओं पर केंद्रित होती है। इस एनालिसिस प्रक्रिया में भविष्य के प्रश्नों के उत्तर खोजने की कोशिश की जाती है, और एक डाटा तैयार किया जाता है। जैसे- पिछली बार गर्मी के मौस में इस प्रकार की बिक्री हुई तो आने वाली गर्मी में किस प्रकार की बिक्री होगी? इस तरह संभावना और भूतकाल के डाटा पर पूर्वानुमान लगाया जाता है।

#4. प्रिस्क्रिप्टिव एनालिसिस (Prescriptive Analysis) : इस प्रकार के एनालिसिस की जरूरत एक्शन प्लान के लिए होती हैं। जैसे- किसी व्यापार में अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ना। मतलब किसी बिजनेस के Growth और Loss को एनालिसिस करना और नए एक्शन प्लान के लिए डाटा देना।

डाटा एनालिसिस करने की प्रक्रिया (Data Analysis Process)

Data analysis करना एक प्रक्रिया है, जो अलग-अलग लोग अपने strategies के आधार पर अलग-अलग तरीके से करते हैं। लेकिन मैं आपको डाटा एनालिसिस करने का एक आइडिया दे रहा हूं जिसकी मदद से आप डाटा को एनालिसिस करना शुरू कर सकते है।

आप मेरी प्रक्रिया द्वारा धीरे-धीरे डाटा एनालिसिस करने की प्रक्रिय को सिख सकते है और इसके बाद जब आपके पास स्वयं का अनुभव हो तब आप अपनी Strategies के आधार पर डाटा को एनालिसिस कर सकते है।

यह प्रक्रिया निम्न प्रकार की है-

#1. डाटा की आवश्यकता

डाटा एनालिसिस का सबसे पहला और मुख्य नियम यही होता है कि आप डाटा एनालिसिस क्यों कर रहे है? आपको उस एनालिसिस की सही जरूरत को समझना है यानी आपको समझना होगा कि आप कैसा डाटा चाहते है और उस डाटा से क्या परिणाम चाहते है? अगर आपने डाटा एनालिसिस की जरूरत समझ ली तो आप क्या, कैसे और क्यों को स्पष्ट कर सकते है।

#2. डाटा को एकत्रित करना

डाटा एनालिसिस की जरूर को समझने के बाद आपको जरूरी डाटा एकत्रित करना है। डाटा एकत्रित करना आसान नही होता है, इसके लिए आपको सोचने में काफी मेहनत करनी पड़ती है ताकि आप सही डाटा को चुने।

यह आप Internal Source से ले सकते है अन्यथा External Sources से ले सकते है। Internal Sources यानी Marketing Tool जिसमें कस्टमर की जानकारी, वित्तीय जानकारी और सेल्स इत्यादि की जानकारी मिलती हैं।

इसके अलावा External Sources में Structured और Unstructured दोनों प्रकार के डाटा होते हैं, जिन्हे श्रोताओं से या फिर रिव्यू साइट्स व Social Sites इत्यादि प्राप्त करते है।

#3. डाटा का स्पष्टीकरण

एकत्रित किया हुआ पूरा डाटा जरूरी नही है  कि वह पूरा डाटा उपयोगी है। इस एकत्रित हुए डाटा में से जरूरी डाटा को अलग किया जाता है और इस तरह डाटा को शोर्ट भी किया जाता है। ताकि इसे समझना काफी आसान हो जाए।

Cleaning प्रक्रिया में डुप्लीकेट और असंगत डाटा को हटाया जाता है। इसके लिए विभिन्न Tool का भी इस्तेमाल किया जाता है।

यह भी जानिए : डेटा विज़ुअलाइज़ेशन क्या है

#4. Data Analysis करना

डाटा को एकत्रित करने और क्लिन करने के बाद शेष बचे डाटा का एनालिसिस किया जाता है। इसके लिए विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। अब Analyst उन सभी डाटा में से जरूरी आवश्यक डाटा को निकालते है, जिसकी उपयोगिता सबसे ज्यादा होती है।

डाटा एनिलिसिस के लिए भी सॉफ्टवेयर टूल का इस्तेमाल किया जाता है।

#5. कम्यूनीकेशन

इस अंतिम चरण में एनालिसिस किये हुए डाटा को टेबल या चार्ट रूप में पेश किया जाता है। ताकि इससे यूजर को आसानी से साफ-साफ एनालिसिस का परिणाम व जानकारी दिखाई दे और समझने में आसान हो।

इस तरह आप Data Analysis कर सकते है।

डाटा एनालिसिस के लाभ और चुनौतियां (Benefits And challenges)

  1. Data analysis किसी संगठन या कंपनी के लिए बेहतर निर्णय लेने, बेस्ट कस्टमर सर्विस देने, उत्पादकता बढ़ाने और राजस्व बढ़ाने के लिए एक आवश्यक प्रक्रिया हैं।
  2. एनालिसिस से व्यवसाय के लिए सही जानकारी प्राप्त कर सकते है।
  3. डाटा एनालिसिस करके किसी संगठन या कंपनी के लिए अधिक प्रोफिट बना सकते है।
  4. इससे आप अधिक प्रभावी विपणन अभियान बना सकते है।
  5. एनालिसिस से आप ग्राहको की जरूरत को समझ सकते है और ग्राहको को बेहतरीन सर्विस या प्रोडक्ट दे सकते है।
  6. डाटा एनिलिसिस के कारण हमें ग्राहक इटरैक्शन सुनने, व्यवहार और प्रासंगिक जानकारी सीकने, लक्ष्यों को हासिल करने, अधिक प्रभावी एक्सनेबल इनसाइट्स बनाने और बिजनेस उतार-चढ़ाव को सिखने की क्षमता मिलती है।
  7. Data Analysis के बाद बेहतर एक्शन प्लान बना सकते है।

डाटा एनिलिसिस में चुनौतियां

  1. आज के समय में बहुत ज्यादा डाटा मौजुद है, जिसमें से बेहतरीन डाटा खोज़ पाना कठिन होता है।
  2. बहुत सारे डाटा को संभालना और पेश करना भी कठिन होता है।

Data Analyst कौन है?

जब हम किसी कंपनी के प्रोडक्ट या सेवा को खरिदते है, तब हम उस कंपनी शिकायत, फिडबैक तथा कई अन्य तरीकों से डाटा प्रदान करते है. आपके इन्ही डाटा में कंपनी के ग्रोथ का पैर्टन छिपा रहता है। यह पैर्टन किसी सामान्य व्यक्ति दिखाई नही देता है।

आपके दिये गए डाटा से कंपनी के लिए जरूरी डाटा को एक एनालिस्ट ही एनालिसिस करता है। एक डाटा एनालिस्ट प्राप्त यूजर्स के डाटा को लक्ष्य के अनुसार विभाजित करता है और फिर उस डाटा को ग्राफ या चार्ट के माध्य से प्रदर्शित करता है।

इन ग्राफ और चाट को समझना काफी आसानी होता है, जिसके आधार पर कंपनी भविष्य में ट्रेंड का अनुमान लगाकर कस्टमर के लिए उपयोग प्रोडक्ट या सेवा लॉंच करती है।

FAQs – Data Analysis In Hindi

इस आर्टिकल से संबंधित कुछ FAQs (Frequently Asked Questions) निम्न प्रकार हैं।

Data Analysis क्या है?

Data Analysis Meaning In Hindi: जब किसी अव्यवस्थित डाटा में से जरूरी आवश्यक शॉर्ट डाटा चार्ट/टेबल के रूप में प्रदर्शित किया जाता है, तो इसे डाटा एनालिसिस कहा जाता है।

Data Analyst कौन है?

वह व्यक्ति को दिये गए डाटा को एनालिसिस्ट करता है और अंत में सरल परिणाम प्रस्तुत करता है, उसे Data Analyst कहते है।

Data Analyst कैसे बने?

एक अच्छा डाटा एनालिस्ट बनने के लिए आपको 12वी कक्षा Mathematics Field में करनी होगी। इसके बाद आपको Analytics मे कोई भी डिग्री करनी होगी। अब आप एनालिस्ट बन सकते है। लेकिन एक अच्छा एनालिस्ट बनने के लिए उच्च स्तरीय Analytics कोर्स कर सकते है।

निष्कर्ष

इस लेख में, मैने आपको Data Analysis क्या है और Data Analysis In Hindi के बारे सभी आवश्यक जानकारीयां दी है। इसके अलावा एक अच्छा Data Analyst की प्रक्रिया के बारे मे भी आवश्यक जानकारीयां दी हैं।

अगर आपके मन मे इंटरनेट से जुड़े कोई भी सवाल हैं तो आप हमसे नीचे कमेन्ट मे लिखकर पूछ सकते हैं व इस लेख को सोशल मीडिया जैसे Facebook, Twitter, Linkdin पर भी शेयर कीजिए।

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