सीएमएस क्या है, इसके प्रकार – Content Management System in Hindi

इंटरनेट की इस अनोखी दुनिया मे सीएमएस क्या है (What is CMS in Hindi) इसके बारे मे आपको अवश्य जानना चाहिए क्योंकि इस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र मे अगर आप ऑनलाइन दुनिया मे Progress करना चाहते हैं तो आपको सीएमएस के बारे मे जानने की आवश्यकता पड़ेगी, इसीलिए सीएमएस क्या होता है? इसके बारे मे जरूर जानिए।

सोशल मीडिया जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम, Quora, Twitter के आ जाने से कंटेन्ट Creation की दुनिया पूरी तरह बदल चुकी हैं, जिनको वीडियोज बनाना पसंद हैं वह यूट्यूब पर वीडियो बना रहे हैं जिन्हे आर्टिकल्स लिखना पसंद हैं वह ब्लॉग्स, Quora, Twitter पर आर्टिकल लिख रहे हैं यह सब सीएमएस की वजह से संभव हो पाया हैं।

लेकिन दुख इस बात का हैं लोगों को कंटेन्ट क्या होता हैंयह तो पता हैं लेकिन सीएमएस का मतलब क्या होता हैं यह बहुत ही कम लोगों को ही पता है, इस वजह से हमने इस लेख मे हमने सीएमएस से संबंधित सभी जानकारी आपके साथ विस्तारपूर्ण साझा करने की कोशिश की हैं, तो चलिए कुछ नया जानते हैं और कुछ नया सीखते हैं।

सीएमएस क्या है – CMS in Hindi

आपको बता दे की सीएमएस एक प्रकार का कंटेन्ट Management सॉफ्टवेयर होता हैं जिसकी मदद से हम कंटेन्ट को मैनेज कर सकते हैं, कंटेन्ट मतलब की जिसको हम डिजिटल रूप मे देख सकते हैं, पढ़ सकते हैं, सुन सकते हैं उसे कंटेन्ट कहेंगे और कंटेन्ट Management से तात्पर्य हैं की डिजिटल कंटेन्ट को मैनेज करना या कंटेन्ट को डिजिटल रूप मे मैनेज करना, इस प्रक्रिया को हम कंटेन्ट Management कहते है।

लेकिन हमें कंटेन्ट को मैनेज करने के लिए एक System की आवश्यकता होती हैं इसी system को हम सीएमएस यानी की Content Management System कहते हैं। अगर आपके मन मे सवाल हैं की CMS का फूल फॉर्म क्या है? तो आपको बता दे CMS का मतलब Content Management System होता हैं, जिसे हिन्दी मे हम सामग्री प्रबंधन प्रणाली कहते है।

कंटेन्ट को एडिट करना, अपलोड करना, डिलीट करना यह सब प्रक्रिया कंटेन्ट management के अंतर्गत आता हैं यह सभी प्रक्रियाएं हम सीएमएस के माध्यम से कर सकते हैं, ऑनलाइन कंटेन्ट को manage करने के लिए हमें कोडिंग की आवश्यकता पड़तीं थी लेकिन हर किसी को कोडिंग की Knowledge नहीं होती हैं।

इसी वजह से तरह तरह सीएमएस बनाएं गए जिसकी मदद से हम बिना कोडिंग के Knowledge के बड़ी ही आसानी के साथ कंटेन्ट को Manage कर सकते हैं। बिना किसी उच्च स्तर के कोडिंग के हम सीएमएस मे अपने कंटेन्ट को बेहतर तरीके से लोगों को प्रदर्शित कर सकते हैं।

सीएमएस के प्रकार – Types of CMS in Hindi

वैसे तो सीएमएस कंटेन्ट को मैनेज करने के लिए बनाया गया हैं लेकिन आपको बता दे की सीएमएस मुख्य पाँच प्रकार के होते हैं, जो की निम्नलिखित हैं।

1. डॉक्यूमेंट कंटेन्ट मैनेजमेंट सिस्टम : इसका का उपयोग पीडीएफ़, एक्सेल, टिएक्सटी फाइल जैसे डॉक्युमेंट्स फाइल को मैनेज करने के लिए किया जाता हैं।

2. एंटरप्राइज कंटेन्ट मैनेजमेंट सिस्टम : इसका का उपयोग किसी संस्था के दस्तावजों को मैनेज करने के लिए किया जाता हैं व सही ग्राहकों तक जानकारी पहुँचाने के लिए इसका उपयोग किया जाता हैं।

3. कॉम्पोनेन्ट कंटेन्ट मैनेजमेंट सिस्टम : यह कंटेन्ट के एक single विषय को मैनेज के लिए जाना जाता हैं जैसे किसी प्रोडक्ट के बारे मे description इत्यादि।

4. वेब कंटेन्ट मैनेजमेंट सिस्टम : इसका इंटरनेट पर प्रकाशित कंटेन्ट को मैनेज करने के लिए किया जाता हैं, इसका मुख्य काम वेब कंटेन्ट को मैनेज करना होता हैं।

5. डिजिटल ऐसेट मैनेजमेंट सिस्टम : यह एक डिजिटल ऐसेट मैनेजमेंट सिस्टम होता हैं जो की डिजिटल कंटेन्ट को मैनेज करता हैं।

सीएमएस के विशेषताएं – Features of CMS

वर्तमान मे अगर हम सीएमएस की विशेषताएं के बारे मे बात करे तो आपको बता दे की सीएमएस ने कंटेन्ट मैनेजमेंट सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया हैं सीएमएस के विभिन्न प्रकार की विशेषताएं हैं जो निम्नलिखित हैं।

  • सीएमएस के मदद से हम कंटेन्ट को एडिट, डिलीट, Add कर सकते हैं यानी की पूरी तरह से कंटेन्ट को मैनेज कर सकते हैं।
  • सीएमएस के मदद से हम कंटेन्ट को SEO फ़्रेंडली बना सकते हैं।
  • सीएमएस के मदद से हम कंटेन्ट के यूआरएल को बेहतर तरीके से अपने हिसाब से SEO फ़्रेंडली बना सकते हैं।
  • सीएमएस के मदद से हम कंटेन्ट मे अपने हिसाब से किसी भी इमेज का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सीएमएस मे हम Plugins के जरिए अपने कंटेन्ट मे तरह तरह के Elements लगा सकते हैं जिससे हमारा कंटेन्ट बेहतर तरीके से प्रकाशित हो पाये।
  • सीएमएस हमें तरह तरह के Themes मिलते हैं जिनका उपयोग करके यूजर के सामने अपने कंटेन्ट को बेहतर तरीके से प्रदर्शित कर सकते हैं।

सीएमएस के कुछ नुकसान – Disadvantage of CMS

वैसे तो अगर हम देखे तो सीएमएस के कुछ भी नुकसान नहीं हैं इसके फायदे के सामने लेकिन सीएमएस के भी कुछ नुकसान मिलते हैं जो की निम्नलिखित हैं।

  • सीएमएस मे हमें कुछ ऐसे फीचर्स मिलते हैं जिसका उपयोग करने के लिए हमें पैसे Pay करने की आवश्यकता होती हैं।
  • सीएमएस मे हमें सुरक्षा कम मिलती हैं जिसकी वजह से अगर हमें सीएमएस को सही तरीके से उपयोग करना नहीं आता हैं तो हमें सुरक्षा का खतरा हो सकता हैं।
  • अगर हम सीएमएस का उपयोग कर रहे हैं तो ऐसे मे हमें पूरी तरह से Plugins निर्भर होना पड़ता हैं।
  • कोडिंग के माध्यम से बनाएं गए वेबसाइट की तुलना मे सीएमएस वाले वेबसाइट की गति कम होती हैं।
  • सीएमएस मे हमें सभी तरह के Customizations ऑप्शन नहीं मिलते हैं जिसकी वजह से बड़े प्रोजेक्ट के लिए हम सीएमएस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रह सकते हैं।

सीएमएस के उदाहरण – Example of CMS

वर्तमान मे हमारे सामने उदाहरण के लिए तरह तरह के Open Source और proprietary सीएमएस मौजूद हैं लेकिन अभी के समय मे कुछ सर्वाधिक इस्तेमाल किए जाने वाले सीएमएस निम्नलिखित हैं।

WordPress

आपको बता दे की WordPress सबसे पुराना और सर्वाधिक प्रसिद्ध सीएमएस हैं, इंटरनेट पर मौजूद लगभग 40 प्रतिशत वेबसाइटस् इसी सीएमएस का करके बनाया गया हैं, इसके माध्यम से हम कंटेन्ट को मैनेज करना बहुत ही आसान हो जाता हैं।

Joomla

यह भी एक बेहद ही प्रसिद्ध Open Source सीएमएस हैं जिसका इस्तेमाल वेबसाइटस् बनाने के लिए किया जाता हैं Joomla भी WordPress की तरह ही PHP मे लिखा गया हैं व डेटा के रखरखाव के लिए Joomla MySQL का उपयोग करता हैं।

Typo3

Typo3 एक Open source सीएमएस हैं जिसका उपयोग वेबसाइटस् बनाकर कंटेन्ट को मैनेज करने के लिए किया जाता हैं, यह भी एक प्रसिद्ध सीएमएस हैं जो की एंटरप्राइज कंटेन्ट मैनेजमेंट सिस्टम के लिए जाना जाता हैं।

तो यह थे कुछ सीएमएस उदाहरण जिसके बारे मे आपने हो सकता हैं की सुना होगा क्योंकि यह बेहद प्रसिद्ध सीएमएस मे से एक हैं।

(FAQ’s) – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CMS का फूल फॉर्म क्या है?

CMS का फूल फॉर्म “Content Management System” होता हैं।

वर्तमान का सबसे प्रसिद्ध CMS कौन सा है?

वर्तमान का सबसे प्रसिद्ध CMS WordPress हैं।

CMS किसलिए प्रसिद्ध है?

CMS वेबसाइट बनाकर कंटेन्ट को मैनेज करने के लिए प्रसिद्ध हैं।

निष्कर्ष

ऊपर हमने सीएमएस से सबंधित सम्पूर्ण जानकारी विस्तारपूर्ण देने की कोशिश की हैं जिसको आपने पढ़ लिया होगा।

उम्मीद हैं की आपको इस लेख को पढ़कर CMS Kya Hai, इसके बारे मे पता चल गया होगा और आपने इस लेख को पढ़कर आज बहुत कुछ सिखा और जाना होगा, अगर आपके मन मे इंटरनेट से किसी भी टॉपिक संबंधित सवाल हैं तो आप उसे कमेन्ट मे अवश्य पूछे, इस लेख को लोकप्रिय सोशल मीडिया जैसे Facebook, Twitter इत्यादि पर भी शेयर कीजिए और यह लेख आपको कैसा लगा यह भी कमेन्ट मे बताइए।

2 thoughts on “सीएमएस क्या है, इसके प्रकार – Content Management System in Hindi”

  1. Thank You Sir, Bahut Achchi Jaankari diye Hai. Ab mujhe cmc ke bare mei bahut gaherai se janneko mila. thank you once again..

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