क्लाउड कम्प्यूटिंग क्या है, इसके प्रकार – What is Cloud Computing in Hindi

क्लाउड कम्प्यूटिंग एक ऐसा शब्द जो इंटरनेट की दुनिया मे काफी प्रचलित है लेकीन ऐसे कुछ ही इंटरनेट उपयोगकर्ता होंगे जिन्हे की क्लाउड कम्प्यूटिंग क्या है? अगर आपको भी नहीं पता है तो चिंता न कीजिए, क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग हम पहले ही अपने जीवन मे किसी न किसी रूप मे कर रहे है, जीमेल, गूगल ड्राइव, वन डिस्क इन सब का नाम तो सुना होगा ये सब क्लाउड कम्प्यूटिंग का जीता जागता उदाहरण है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसका उपयोग आज के समय मे काफी अधिक तो किया ही जा रहा है लेकीन इसके भविष्य मे होने वाले Consumption को देखते हुए एक से बढ़कर एक कंपनी इस व्यवस्था पर अपना पैसा लगा रही है और खुद उपयोगकर्ताओ को यह सर्विस दे रही है आपने Alibaba, Amazon, IBM का तो नाम सुना ही होगा ये सभी भी इस मार्केट मे अपनी पकड़ बनाने मे लगी हुई है।

इसका मुख्य कारण है इंटरनेट और टेक्नोलॉजी का तेजी से विकसित होना, आपको पता होगा की पिछले 10 से 15 वर्षों मे इंटरनेट उपयोगकर्ताओ की Growth काफी अधिक हुई है जिसकी वजह से बड़ी बड़ी कंपनी ने भी अपना व्यवसाय ऑफलाइन के साथ साथ ऑनलाइन भी शुरू कर दिया है ऐसे मे क्लाउड कम्प्यूटिंग एक ऐसा जरिया है जो की व्यवसायों को On Demand Service प्रदान करता है।

इस सर्विस का उपयोग करने के लिए आपको न ही किसी भी तरह के हार्डवेयर को खरीदने की आवश्यकता है और न ही आपको इसके लिए Experts की आवश्यकता है इस सर्विस को हम इंटरनेट की मदद से ले सकते है।

मुझे पता है आपको अभी क्लाउड कम्प्यूटिंग अच्छे से समझ नहीं आया है इसके लिए आपको क्लाउड कम्प्यूटिंग से जुड़े सभी जानकारी जैसे क्लाउड कम्प्यूटिंग क्या होता है, क्लाउड कम्प्यूटिंग कितने प्रकार के होते है, इन सब को जानना होगा, तो चलिए फिर जानते है।

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क्लाउड कम्प्यूटिंग क्या है – What is Cloud Computing in Hindi

क्लाउड कम्प्यूटिंग दरअसल एक प्रकार की टेक्नोलॉजी है जिसमे की इंटरनेट के माध्यम से अलग अलग प्रकार की कम्प्यूटिंग Services जैसे Servers, Storages, Software, Database इत्यादि उपयोगकर्ताओ को प्रदान की जाती है जिन सर्विस का उपयोग बड़ी छोटी कंपनी करती है और इनका उपयोग एक सामान्य उपयोगकर्ता भी कर सकता है, कुल मिलाकर यूजर के मांग के हिसाब से उसे कम्प्यूटिंग सर्विस इंटरनेट के माध्यम से दे देने को ही क्लाउड कम्प्यूटिंग कहा जाता है।

इंटरनेट के माध्यम से दिए जाने वाले विभिन्न तरह के समस्त कम्प्यूटिंग सर्विस जैसे Data Storage, Data Processing, Server इत्यादि को ही क्लाउड कम्प्यूटिंग कहा जाता है मतलब इंटरनेट के माध्यम से दी जाने वाले समस्त कम्प्यूटिंग सर्विस ही क्लाउड कम्प्यूटिंग है इसमे Data किसी Local स्टोरेज डिवाइस मे स्टोर नहीं होता है बल्कि वह एक Remote Server मे स्टोर रहता है जिसे जब चाहे उपयोगकर्ता इंटरनेट की मदद से Access कर सकता है।

जब हम एक व्यवसाय शुरू करते है तब इतनी अधिक कम्प्यूटिंग सर्विस की आवश्यकता नहीं होती है लेकीन जब व्यवसाय बड़ा होते जाता है तब उसके डेटा को Store करने के लिए बड़े बड़े Storage devices और कंप्युटर की जरूरत पड़ती है और उसे Manage करने के लिए Management Team की आवश्यकता पड़ती है जिसका लागत भी काफी अधिक आता है।

ऐसे मे क्लाउड कम्प्यूटिंग के तहत इन्ही सभी कम्प्यूटिंग सर्विस को हम इंटरनेट की मदद से खरीद सकते है जिससे हमारा Computer, Management Team, Storage devices इन सब का और इनके रखरखाव का खर्च बच जाएगा और हमें बस क्लाउड प्रोवाइडर जितना उपयोग कर रहे है उतना ही पैसा Pay करना होगा।

यहाँ पर उपयोगकर्ता को कम्प्यूटिंग सर्विस के लिए बड़े बड़े Storage Devices, Computer, Management Team इन सब की आवश्यकता नहीं है बल्कि वह क्लाउड कम्प्यूटिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करके समस्त कम्प्यूटिंग सर्विस को इंटरनेट के माध्यम से Provider से ले सकता है और उन सर्विस का इंटरनेट के माध्यम से उपयोग कर सकता है जिसके लिए उपयोगकर्ता को Service Provider को Usage के हिसाब से Pay करना होता है।

अब आप समझ गए होंगे की क्लाउड कम्प्यूटिंग एक तकनीक है जिसके जरिए कम्प्यूटिंग सर्विस है इंटरनेट के माध्यम से उपयोगकर्ताओ को प्रदान की जाती है।

क्लाउड क्या है?

हमने अब तक Cloud Computing के बारे मे तो जान लिया लेकीन अब सवाल आता है की ये क्लाउड क्या है? इसको सुनकर मौसम, बादल इन सभी का ही ख्याल आता है लेकीन Cloud Computing मे ऐसा नहीं है क्लाउड का मतलब ऐसे बड़े बड़े Computer Server Infrastructure से है जो की इंटरनेट से जुड़े हुए है जिनका उपयोग उपयोगकर्ता इंटरनेट के माध्यम से कर रहा है, ये Provider के पास रहते है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग के कुछ उदाहरण (Examples)

क्लाउड कम्प्यूटिंग से हम पहले से ही जुड़े हुए है जिसके बारे मे आपको नीचे लिखे हुए क्लाउड कम्प्यूटिंग के उदाहरण जानकर पता चलेगा :-

  • Netflix : इसे आज के समय मे कौन नहीं जानता दुनिया की काफी बड़ी OTT Platform है, जिसमे काफी अधिक मात्रा मे रोजाना Web Series, Movies Stream कीये जाते है, इसमे क्लाउड कम्प्यूटिंग का इस्तेमाल किया गया है तभी इसके Subscription को लेने के बाद इंटरनेट के माध्यम से इसमे मौजूद Web Series, Movies इत्यादि को ऑनलाइन Stream कर पाते है।
  • Google Drive : गूगल ड्राइव के बारे मे आज के समय मे लगभग सभी जानते है, जो की Users को क्लाउड स्टोरेज प्रदान करता है, यह क्लाउड कम्प्यूटिंग पर आधारित है तभी तो हम इसमे अपलोड कीये हुए डेटा को दुनिया के किसी भी कोने से इंटरनेट की मदद से ऑनलाइन Access कर पाते है।
  • Gmail : यह काफी अच्छा उदाहरण है क्लाउड कम्प्यूटिंग के SaaS Deployment का, क्योंकि इसका उपयोग हम और आप जैसे सभी Android उपयोगकर्ता करते है, इसमे लाखों लोग रोजाना ईमेल भेजते है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग कितने प्रकार के होते है (Types)

क्लाउड कम्प्यूटिंग को Deployment के आधार पर मुखतः चार भागों मे Divide किया है मतलब क्लाउड कम्प्यूटिंग चार प्रकार के होते है जो की निम्नलिखित है :-

1. Public Cloud Computing

ये ऐसा क्लाउड है जो की हर किसी के लिए उपलब्ध रहता है मतलब हर एक व्यक्ति इसका उपयोग कर सकता है और अपने डेटा को Store करके उसे Manage कर सकता है लेकीन इस क्लाउड मे उपयोगकर्ता के पास कोई भी Control नहीं रहता है बल्कि इसे Service Provider ही Operate और Manage करती है। इसमे जो Infrastructure उपयोग होता है वह Cloud Provider का ही होता है।

इसमे उपयोगकर्ता वेब ब्राउजर या फिर Provider के Own Application के माध्यम से Service को खरीद सकता है Microsoft Azure और Google Cloud के बारे मे तो आप जानते ही होंगे ये सभी इसी के उदाहरण है।

2. Private Cloud Computing

यह एक ऐसा क्लाउड है जिसमे की जो Infrastructure उपयोग होता है वह किसी विशेष कंपनी के लिए होता है मतलब इसमे Infrastructure को एक प्राइवेट नेटवर्क पर Manage किया जाता है इसका Deployment Locally होता है जिसकी वजह से इसका सुरक्षा का स्तर अधिक होता है एवं Resources एक विशेष कंपनी के लिए Dedicate होने की वजह से इसकी Performance भी काफी बढ़िया होता है। Virtual AWS Private cloud इसका उदाहरण है।

3. Community Cloud Computing

यह एक प्रकार का Community Based Cloud Computing होता है जिसका उपयोग सिर्फ एक पूरी Community कर सकती है, इसमे Data को Community के समस्त संगठन द्वारा Access किया जा सकता है आसान भाषा मे कहे तो यह क्लाउड कम्प्यूटिंग संगठनों के आपस मे शेयर होता जिनका कार्य एक ही जैसा होता है और जो सभी संगठन एक Community के भीतर आते है, इसलिए इसे हम Distributed System भी कह सकते है। Government Community Cloud इसका उदाहरण है।

4. Hybrid Cloud Computing

यह Public और Private दोनों ही क्लाउड का Combination होता है मतलब यह Public और Private Cloud दोनों के जैसे ही सर्विस प्रदान करती है जिसकी वजह से संगठनों द्वारा इस क्लाउड को उपयोग किए जाने पर उन्हे अधिक Flexibility मिलती है और साथ मे Development के विकल्प भी कई सारे मिलते है, जीमेल इसका एक जीता जागता उदाहरण है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग के सेवाये (Delivery Models)

वैसे तो क्लाउड कम्प्यूटिंग चार प्रकार के होते है जो की ऊपर लिखे हुए है लेकीन सेवों के आधार पर यह तीन प्रकार के होते है जो नीचे लिखे हुए है और इन्ही को क्लाउड कम्प्यूटिंग का Model भी कहा जाता है :-

1. Infrastructure as a service (Iaas)

यह क्लाउड कम्प्यूटिंग Services की एक सामान्य श्रेणी है, जिसके तहत उपयोगकर्ता को उसके जरूरत के अनुसार पर Virtual Infrastructure दिए जाते है मतलब इसमे उपयोगकर्ता को उसके जरूरत के अनुसार पर Data Storage, Server, Networks, Visualization जैसे Resources प्रदान किया जाता है, और इसके बदले Cloud Provider उपयोगकर्ता से समय समय पर पैसे लेता है बिल्कुल Rent की तरह।

Amazon Web Service, Digital Ocean ये सभी इसके उदाहरण है।

2. Software as a Service (SaaS)

यह एक ऐसी क्लाउड कम्प्यूटिंग Service है जिसके तहत उपयोगकर्ता को जरूरत के अनुसार पर उसे Application Software का सर्विस प्रदान किया जाता है इसकी खास बात यह है की इसमे उपयोगकर्ता को अपने पर्सनल कंप्युटर मे सॉफ्टवेयर Application को इंस्टॉल करने की और Maintain करके रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है क्योंकि इसमे इंटरनेट की मदद से Direct वेब ब्राउजर पर सॉफ्टवेयर Application Run होता है।

HubSpot, Shopify, Gmail ये सब इसके उदाहरण है।

3. Platform as a Service (PaaS)

यह एक ऐसी क्लाउड कम्प्यूटिंग सर्विस है जिसके तहत उपयोगकर्ताओ को Provider द्वारा एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाता है जिसके तहत उपयोगकर्ता अपने सॉफ्टवेयर Application को उस प्लेटफॉर्म पर Develop, Test, Run, Manage कर सकता है मतलब इसमे उपयोगकर्ता को उसके जरूरत के हिसाब से एक ऐसा वातावरण प्रदान किया जाता है जिस पर वह Software Application को Develop, Test, Run, Manage कर सकता है।

Google App engine, AWS lambda ये सभी इसके उदाहरण है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग इतिहास (History)

क्लाउड कम्प्यूटिंग शब्द आज के समय मे भी काफी सारे लोगों को नया ही लगता है लेकीन इसकी शुरुआत काफी वर्षों पहले ही 1960 मे हो चुका था, 1961 के दशक मे John McCarthy जो की एक काफी लोकप्रिय अमेरिकन कंप्युटर वैज्ञानिक है इन्होंने MIT के Event के दौरान क्लाउड कम्प्यूटिंग का सुझाव अपने Speech मे दिया था उस Speech मे इन्होंने पानी और बिजली के जैसे ही Computing Power को Sell करने की बात कही थी।

लेकीन उस समय तकनिके इसके लिए इतनी तैयार नहीं थी जिस वजह से इसकी शुरुआत एक अच्छे लेवल पर नहीं हुआ था लेकीन 1990 के बाद मे 1999 मे Salesforce जो की आज के समय मे एक क्लाउड आधारित सॉफ्टवेयर कंपनी है यह आई और इन्होंने ही सर्वप्रथम क्लाउड कम्प्यूटिंग सर्विस को बेचना शुरू किया।

जिसके बाद 2002 मे Amazon ने भी अपनी AWS शुरू किया जिसके बाद 2008 मे गूगल ने भी Google Cloud को शुरू किया और फिर समय के साथ आज काफी सारी कंपनी है जो की यह सर्विस दे रही है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग के अनुप्रयोग (Application)

क्लाउड कम्प्यूटिंग आज के समय मे काफी सारे जगहों पर किया जाता है जिनको मैंने नीचे Mention किया हुआ है :-

1. ऑनलाइन स्टोरेज (Online Storage)

क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग क्लाउड स्टोरेज मे सभी तरह के डिजिटल डेटा जैसे Photos, Videos इत्यादि को स्टोर करने के लिए किया जाता है, क्लाउड स्टोरेज का उपयोग बड़े बड़े व्यवसाय और सामान्य लोग भी करते है जिसमे स्टोर कीये हुए डेटा को इंटरनेट की मदद से उपयोगकर्ता कअभी भी Access और Manage कर सकता है।

2. सॉफ्टवेयर (Software)

क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग कई सारे सॉफ्टवेयर मे किया जाता है, जिन सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल करने के लिए हमें उस सॉफ्टवेयर को अपने कंप्युटर मे इंस्टॉल करने की आवश्यकता नहीं है बल्कि उस सॉफ्टवेयर को हम इंटरनेट की मदद से Access कर सकते है वह सॉफ्टवेयर Cloud पर मौजूद रहता है जिसे और जिसमे मौजूद डेटा को हमें Maintain करके रखने की जरूरत नहीं है यह काम Provider का होता है उसके लिए बस हमें कुछ Charge Pay करना होता है।

3. टेस्ट और डेवलपमेंट (Test and Development)

सॉफ्टवेयर को Test और Develop करने के लिए भी क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग किया जाता है क्योंकि एक सॉफ्टवेयर को Test, Develop, Run इत्यादि करने करने के लिए एक उच्च स्तर के कम्प्यूटिंग पावर वाले वातावरण की जरूरत होती है जिसके लिए क्लाउड कम्प्यूटिंग सबसे अच्छा तरीका है।

4. शिक्षा (Education)

आजकल ई लर्निंग काफी लोकप्रिय है इसमे भी क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग किया गया है जिसके द्वारा स्टूडेंट्स को एक ऐसा वातावरण प्रदान किया जाता है जिसके द्वारा वे ऑनलाइन घर पर रहकर इंटरनेट की मदद से शिक्षा ग्रहण कर पा रहे है, इसमे इंटरनेट का अहम Roll होता है।

5. बैकअप और डेटा रिकवरी (Backup and Data Recovery)

आज के समय डेटा काफी महत्वपूर्ण चीजों मे से एक है ऐसे मे इसकी सुरक्षा काफी जरूरी होता है जो गलती से किसी भी कारण से Delete हो जाता है तब उसे Recover करना काफी कठिन होता और इसी कारण से क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग Backup and Data Recovery के लिए भी किया जाता है जिसमे Data की Recovery आसानी से की जाती है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग के फायदे (Advantages)

क्लाउड कम्प्यूटिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है की इसने इंटरनेट की दुनिया को और अधिक Advance बना दिया है, इसके अलावा इसके कई सारे फायदे है जैसे :-

1. जितना उपयोग उतना भुगतान

क्लाउड कम्प्यूटिंग के किसी भी सर्विस का उपयोग करते है तब हमें सिर्फ उतना ही पैसा देना पड़ता है जितना हमने इस्तेमाल किया होता है, इससे बड़ी बड़ी Companies को काफी फायदा होता है उनका पैसा किसी भी तरह से Waste नहीं होता।

2. बैकअप लेना आसान है

क्लाउड कम्प्यूटिंग मे हमारा डेटा का किसी भी तरह के नुकसान होने का कोई Chance नहीं है क्योंकि वह Provider के अलग अलग Remote Server मे मौजूद रहता है जिसकी वजह से इसमे Backup लेना काफी आसान होता है।

3. डेटा को सुरक्षा

क्लाउड कम्प्यूटिंग के तहत डेटा की सुरक्षा के लिए कई सारी चीजों का उपयोग किया जाता है जिसकी वजह से इसमे डेटा काफी सुरक्षित होता है।

4. मोबाइल पर भी Access कर सकते है

क्लाउड कम्प्यूटिंग यह सुविधा देता है जिसके तहत हम कई सारे डेटा को Touch Devices मे इंटरनेट की मदद से Access कर सकते है, जो की काफी अच्छी बात है।

5. Maintain की चिंता नहीं

क्लाउड कम्प्यूटिंग सर्विस का जब हम उपयोग करते है तब Data को Maintain करने की हमें कोई जरूरत नहीं होती है वह काम Cloud Provider का होता है जिसकी वजह से हमारा काफी सारा पैसा और समय बचता है।

6. असीमित स्टोरेज क्षमता

क्लाउड कम्प्यूटिंग के तहत हम अपने डिजिटल डेटा जैसे फोटो, वीडियो इत्यादि को क्लाउड मे स्टोर कर सकते है जिसकी स्टोरेज क्षमता काफी अधिक होती है, इसके लिए हमें बस Usage के हिसाब से पेमेंट करना पड़ता है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग के नुकसान (Disadvantages)

क्लाउड कम्प्यूटिंग के काफी सारे फायदे तो है ही लेकीन इसके कुछ नुकसान भी है जैसे :-

1. इंटरनेट की आवश्यकता

क्लाउड कम्प्यूटिंग का एक बड़ा नुकसान यह है की इसकी सर्विस का उपयोग करने के लिए हमें इंटरनेट की आवश्यकता होती है बिना इंटरनेट के हम कुछ भी नहीं कर सकते है।

2. आपके हाथों मे नियंत्रण कम होगा

जब कोई व्यवसाय या उपयोगकर्ता क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग करता है तब उसके हाथों मे इसका नियंत्रण बहुत कम होता है, डेटा और Infrastructure का पूरा नियंत्रण Cloud Computing service Provider के पास होता है।

3. आपका डेटा किसी दूसरे के हाथों मे होता है

जब कोई व्यवसाय क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग करती है तब वह अपने महत्वपूर्ण डेटा को किसी थर्ड पार्टी Provider केसाथ साझा कर रही होती है, मतलब आपका डेटा का नियंत्रण किसी दूसरे के हाथों मे होता है।

4. Customer Support की कमी

आज के समय मे भी क्लाउड कम्प्यूटिंग की सर्विस प्रदान करने वाले अपने ग्राहकों को पूरी तरह Customer Support प्रदान नहीं कर पा रहे है जिस तरह एक होस्टिंग Provider अपने ग्राहकों को प्रदान करता है। ऐसे मे जब आपके कम्प्यूटिंग मे कोई Technical परेशानी हो रही होगी तब उसे आपको खुद से ही Solve करना होगा।

5. सुरक्षा मे थोड़ी कमी

क्लाउड कम्प्यूटिंग मे सुरक्षा की कमी है क्योंकि Infrastructure इंटरनेट से जुड़ा होता है ऐसे मे हैकर द्वारा हैकिंग के खतरे भी होते है।

FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

क्लाउड सर्वर क्या है?

क्लाउड सर्वर को हम एक तरह से वर्चुअल सर्वर समझ सकते है, जो की क्लाउड कम्प्यूटिंग मे Run होता है, यह इंटरनेट से जुड़ा सर्वर होता है यह इसकी संक्षिप्त जानकारी है।

क्या क्लाउड कम्प्यूटिंग फायदेमंद है?

जी हाँ, क्लाउड कम्प्यूटिंग फायदेमंद है, यह बड़े छोटे व्यवसायों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है और इसकी वजह से आम उपयोगकर्ताओ को भी काफी फायदा हो रहा है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग का अच्छा उदाहरण क्या है?

क्लाउड कम्प्यूटिंग का काफी अच्छा उदाहरण यूट्यूब है जिसके जरिए उपयोगकर्ता अपने वीडियोज को इंटरनेट पर Publish करते है, जिसे उपयोगकर्ता जब चाहे इंटरनेट की मदद से Access कर सकता है।

निष्कर्ष

क्लाउड कम्प्यूटिंग मे इंटरनेट और कम्प्यूटिंग इन दोनों को आपस मे जोड़ दिया जाता है जिसके जरिए कोई भी ऐसा व्यवसाय जिसे की एक अच्छे स्तर की कम्प्यूटिंग पावर की आवश्यकता है वह इंटरनेट के माध्यम से कम्प्यूटिंग पावर अपने व्यवसाय के लिए ले सकता है इसके लिए उसे खुद का कोई Infrastructure Build करने की कोई आवश्यकता नहीं है, उम्मीद है अब आपने क्लाउड कम्प्यूटिंग के बारे मे काफी कुछ जान लिया होगा।

आज का यह आर्टिकल अब सभी Readers के लिए काफी उपयोगी रहा होगा जिसको की पढ़कर आपने क्लाउड कम्प्यूटिंग क्या है (What is Cloud Computing in Hindi) इसके बारे मे विस्तार से जान लिया होगा, अभी इस Related कोई सवाल आपके मन मे रह गया है तो उसे आप नीचे Comment मे लिखकर पूछ सकते है। मेरा आप सभी Readers से अंत मे यही निवेदन है की इस आर्टिकल को Facebook, Twitter इत्यादि पर भी जरूर साझा कीजिए।

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